September 30, 2026

हरे-लाल रंग को लेकर अखिलेश का बयान, बोले- मिलकर सपा का झंडा बन जाएंगे

लखनऊ | समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी राज्य मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने एक वीडियो प्रदर्शित करते हुए कहा कि जब हरा और लाल रंग आपस में मिलते हैं, तो वह समाजवादी पार्टी का झंडा बनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरा रंग हरियाली का प्रतीक है और लाल रंग क्रांति का, तथा ये दोनों मिलकर आने वाले समय में प्रदेश की सत्ता को बदल देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार किसानों के हित के लिए कुछ नहीं कर रही है और अन्नदाताओं से केवल चुनावों के समय वोट बटोरे जाते हैं।

चुनावी प्रक्रिया में वोट चोरी और धांधली का गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश और प्रदेश के चुनावों में वोट चोरी और बेईमानी का खेल लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि उस दौरान समाजवादी पार्टी के समर्थकों और मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से कटवा दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि अब जब इस प्रकार की धांधली और वोट चोरी की खबरें मुख्यधारा के समाचार पत्रों में प्रकाशित होने लगी हैं, तब आम जनता को यह समझ आ रहा है कि चुनावी प्रणाली में किस हद तक घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोएडा क्षेत्र में वर्तमान में भी फर्जी मतदाता कार्ड और फर्जी वोट बनाने का कार्य जारी है।

न्यायपालिका से स्वतः संज्ञान लेने की अपील और 2027 के लिए हुंकार

सपा अध्यक्ष ने मांग करते हुए कहा कि चुनावों में वोट चोरी और फर्जीवाड़े की जिस प्रकार की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, उस पर संज्ञान लेते हुए देश की माननीय अदालतों को स्वतः संज्ञान (सुमो मोटो) लेना चाहिए और पश्चिम बंगाल तथा बिहार जैसे राज्यों में दोबारा चुनाव करवाए जाने चाहिए।

उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2024 के आम चुनावों में भाजपा को पटखनी दी है और आने वाले वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस पार्टी का पूरी तरह से सफाया कर दिया जाएगा। अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा केवल गिने-चुने पूंजीपतियों और देश के बड़े उद्योगपतियों के लिए कार्य करती है, और यह मूल रूप से 'धन्नासेठों' की पार्टी बनकर रह गई है।