मथुरा| उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की मांट विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं प्रदेश महामंत्री राजेश चौधरी को पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से जान से मिलने की धमकियाँ मिलने का एक अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में विधायक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मिलकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मामले में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर स्वयं तथा अपने परिवार के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की माँग की है।
पाकिस्तानी नंबर से आए धमकी भरे फोन कॉल्स
विधायक राजेश चौधरी ने अपनी शिकायत में मीडिया और पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी कि गत 28 सितंबर की रात को ठीक 10:38 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक विदेशी (पाकिस्तानी) नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर विधायक को धमकाते हुए कहा कि वे मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी करना तुरंत बंद कर दें। इसके साथ ही कॉलर ने धमकी दी कि वह पाकिस्तान से बोल रहा है और भारत के भीतर सक्रिय अपने सहयोगियों के माध्यम से विधायक का 'इंतजाम' कर देगा। इसके कुछ ही घंटों पश्चात, उसी रात लगभग 2:17 बजे उसी पाकिस्तानी नंबर से दोबारा उनके फोन पर धमकी भरी कॉल आई।
परिवार को नुकसान पहुँचाने की धमकी और आतंकवादी संगठन का जिक्र
दूसरी बार फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसकी बात उन्हें अच्छी तरह समझ आ जानी चाहिए, अन्यथा वे उनके पूरे परिवार को भारी नुकसान पहुँचाएंगे। फोन करने वाले ने अपनी धौंस जमाते हुए खुद को पाकिस्तान स्थित कुख्यात आतंकवादी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' से जुड़ा हुआ होने का दावा भी किया।
पूर्व की घटनाओं का जिक्र और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एसएसपी को सौंपे गए अपने प्रार्थना पत्र में विधायक राजेश चौधरी ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्हें इस तरह के संदिग्ध पाकिस्तानी नंबरों से धमकियाँ मिल चुकी थीं, जिन्हें उन्होंने शुरुआती दौर में अधिक गंभीरता से नहीं लिया था। किंतु, अब लगातार मिल रही गंभीर धमकियों के बाद उन्होंने इसे अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानते हुए पुलिस से तत्काल कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले पर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि विधायक की शिकायत के आधार पर संबंधित कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें संयुक्त रूप से इस मामले की तकनीकी गहनता से जाँच कर रही हैं।

More Stories
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में यमुना पर फोकस, बाढ़ क्षेत्र के लिए नो-एक्टिविटी जोन का प्रस्ताव
दिल्ली में कब बढ़ी शराब की बिक्री? नवंबर और जुलाई के आंकड़ों ने दिखाया अलग ट्रेंड
हरे-लाल रंग को लेकर अखिलेश का बयान, बोले- मिलकर सपा का झंडा बन जाएंगे