September 29, 2026

प्रदेश में राशन संकट का खतरा! 1 अक्टूबर से दुकानें बंद करने की तैयारी में विक्रेता

जबलपुर। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत संचालित होने वाली सरकारी राशन दुकानों पर एक अक्टूबर से ताले लटकने के आसार बन गए हैं। अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान न होने से आक्रोशित राशन विक्रेताओं ने आगामी 1 अक्टूबर 2026 से दुकानों का संचालन पूरी तरह ठप कर आंदोलन का बिगुल फूंकने की चेतावनी दी है। विक्रेताओं के इस कदम से राज्य के लाखों राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले सस्ते खाद्यान्न वितरण पर सीधा असर पड़ सकता है।

कमीशन बढ़ाने और खर्चों से जुड़ी मुख्य मांगें

राशन दुकान संचालकों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में दुकान के संचालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि सरकार की ओर से मिलने वाला कमीशन बेहद कम है, जिससे भरण-पोषण और दुकान का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसके अतिरिक्त, ई-पॉस मशीनों में आने वाली तकनीकी खामियां, समय पर भुगतान न होना और अन्य प्रशासनिक परेशानियां लंबे समय से नासूर बनी हुई हैं। विक्रेताओं का आरोप है कि उन्होंने कई बार अपनी इन समस्याओं से शासन-प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई।

खाद्य विभाग और शासन के समक्ष खड़ी हुई बड़ी चुनौती

एक अक्टूबर से राशन वितरण कार्य बंद करने की चेतावनी मिलने के बाद अब खाद्य विभाग और राज्य शासन के सामने पीडीएस व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। विक्रेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन समय रहते इन विक्रेताओं की सुध लेता है या प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था चरमराएगी।