नई दिल्ली (दिल्ली)। नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय मुख्यालय में मंगलवार को पार्टी के सभी राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन के वृहद विस्तार, आगामी चुनावी रणनीतियों और जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने की कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक में दिग्गजों की उपस्थिति और श्रद्धांजलि
बैठक के विधिवत शुभारंभ से पूर्व, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय पहुँचकर महान राष्ट्रभक्तों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के तैलचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश भर से लगभग 65 राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी सम्मिलित हुए। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े, सुनील बंसल, स्मृति ईरानी, बिप्लब देब, हरीश द्विवेदी, संजय भाटिया, सतीश पूनिया और गजेंद्र पटेल समेत कई प्रमुख राष्ट्रीय नेता उपस्थित रहे।
किन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रही चर्चा?
इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सांगठनिक कार्यों की प्रगति, पार्टी के व्यापक नेटवर्क को सुदृढ़ करने, जन-संपर्क अभियानों तथा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर गहन विचार-विमर्श होने की पूरी संभावना रही। इसके अतिरिक्त, विभिन्न राज्यों में पार्टी के समक्ष आ रही स्थानीय राजनीतिक चुनौतियों तथा केंद्रीय संगठन एवं राज्य इकाइयों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक बेहतर बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से बातचीत की गई।
नए संगठनात्मक ढांचे और जिम्मेदारियों का आवंटन
यह बैठक भाजपा द्वारा देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति के कुछ ही समय पश्चात आयोजित की गई है। हाल ही में घोषित इस नए संगठनात्मक स्वरूप के अंतर्गत:
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विनोद तावड़े को महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जबकि जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ राज्य की कमान सौंपी गई है।
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सतीश पूनिया को जम्मू-कश्मीर और पंजाब का नया प्रभार सौंपा गया है।
चुनावी राज्यों पर विशेष फोकस और आगामी रूपरेखा
पार्टी के भीतर हाल ही में हुए इन संगठनात्मक फेरबदल के उपरांत वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठकों का दौर तेज हो गया है, विशेष तौर पर उन राज्यों में जहाँ निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में, जहाँ वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, भाजपा नेताओं ने हाल ही में जमीनी स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत करने, पार्टी संगठन तथा शासन के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाने और चुनावी तैयारियों को लेकर कई बैठकें की हैं। इस महीने की शुरुआत में पार्टी के यूपी कोर ग्रुप ने भी 2027 के चुनावों और आगामी संगठनात्मक अभियानों पर मंथन किया था।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में विभिन्न राज्यों के संगठनात्मक दौरों की श्रृंखला के तहत गत 27 सितंबर को पश्चिम बंगाल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने राज्य के प्रमुख पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष भेंट की थी, जिसमें संगठन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच आपसी सामंजस्य को और मजबूत करने पर बल दिया गया था।
मथुरा में आगामी सांगठनिक बैठक की तैयारी
पार्टी की भावी रणनीतियों के क्रम में, भाजपा आगामी 3 और 4 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी एक और उच्चस्तरीय सांगठनिक बैठक आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इस आगामी बैठक में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में विशेष तौर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय किए जाने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, नई दिल्ली में संपन्न हुई राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की यह बैठक देश भर की तमाम राज्य इकाइयों के प्रशासनिक व राजनीतिक कामकाज की गहन समीक्षा करने तथा आगामी चुनावी व सांगठनिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से पूर्व पार्टी की प्राथमिकताओं में पूर्ण तालमेल बिठाने में बेहद मददगार साबित होगी।

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