September 29, 2026

रेवंत रेड्डी के बयान पर बीजेपी का पलटवार, धार्मिक टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद

चंडीगढ़: पंजाब में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों और रणनीति को बेहद आक्रामक बना दिया है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल की तर्ज पर अपनी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले मजबूत इलाकों में उन्हें सीधे चुनौती दी जाएगी। बीजेपी का मुख्य उद्देश्य पंजाब के मतदाताओं के सामने खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प के रूप में स्थापित करना है।

सीटों का समीकरण और बीजेपी का विशेष फोकस

पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से आम आदमी पार्टी का मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्र की लगभग 30 से 32 सीटों पर अच्छा प्रभाव माना जाता है, जबकि कांग्रेस मुख्य रूप से शहरी, अर्ध-शहरी और माझा-दोआबा के कुछ हिस्सों की करीब 35 से 40 सीटों पर प्रभावी रही है। साल 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने राज्य की 13 में से 7 सीटें और ‘आप’ ने 3 सीटें अपने नाम की थीं। वहीं, विधानसभा क्षेत्रवार आकलन के मुताबिक बीजेपी 23 सीटों पर आगे, 6 पर दूसरे और 16 स्थानों पर तीसरे नंबर पर रही थी। अब बीजेपी ने उन 53 महत्वपूर्ण सीटों पर विशेष रणनीति के साथ फोकस करने की योजना बनाई है, जहां वर्तमान में कांग्रेस या आम आदमी पार्टी का प्रभाव मजबूत माना जाता है।

विरोधी दलों पर तीखे हमले और प्रमुख मुद्दे

बीजेपी ने राज्य की सरकार को कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और नशे के दलदल जैसे गंभीर मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया है। राज्य में नशे के खिलाफ बीजेपी की जन-जागरण यात्रा भी निकाली जा रही है, जिसके समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, पार्टी अपने चुनावी अभियानों में कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे अंदरूनी कलह और आपसी मतभेदों को भी प्रमुखता से उठा रही है।

सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी इस बार पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी की यह आक्रामक रणनीति आने वाले समय में पंजाब के राजनीतिक समीकरणों को किस तरह प्रभावित करती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।