सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में सोमवार की देर रात्रि एक सनसनीखेज वारदात के तहत पति-पत्नी की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार की सुबह जब दोनों के खून से लथपथ शव बरामद हुए, तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अफरातफरी का माहौल फैल गया। इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) कादीपुर विनय गौतम अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मौके से वारदात में प्रयुक्त फावड़ा, कुल्हाड़ी और चाकू भी बरामद किए गए हैं।
घटनास्थल और पीड़ित दंपति का परिचय
यह जघन्य हत्याकांड कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुमही डंडिया गांव का है। यहाँ मृत पाए गए दंपती की पहचान मुकेश सिंह (आयु 45 वर्ष) और उनकी पत्नी विनीता सिंह के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुकेश सिंह वर्ष 2013 से लगातार प्राथमिक शिक्षक संघ, मोतिगरपुर के अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में वे कंपोजिट विद्यालय, खनुहट में प्रधानाध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
जिला पंचायत चुनाव की प्रत्याशी रह चुकी थीं विनीता सिंह
मृतक मुकेश सिंह की पत्नी विनीता सिंह एक निजी इंटर कॉलेज का संचालन करती थीं। इसके अतिरिक्त, वह सामाजिक रूप से भी सक्रिय थीं और पिछले जिला पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर 11 से जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी भी रह चुकी थीं। जिस समय इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया, उस वक्त पति-पत्नी अपने पैतृक आवास परिसर में स्थित निजी विद्यालय के भीतर सो रहे थे।
वारदात का संभावित क्रम और पुलिस की प्रारंभिक जांच
पुलिस विभाग की शुरुआती जांच-पड़ताल में यह आशंका जताई जा रही है कि संभवतः सबसे पहले विनीता की हत्या विद्यालय के कमरे के अंदर की गई होगी। इसके पश्चात, जब मुकेश सिंह अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागे, तो हमलावरों ने उन्हें लगभग 150 मीटर की दूरी पर विद्यालय परिसर के भीतर ही घेर लिया और मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असल वजह क्या है और इस वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका खुलासा अभी तक स्पष्ट रूप से नहीं हो सका है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और पुलिस की कार्रवाई
मृतक शिक्षक मुकेश सिंह ने वर्ष 2002 में अपने गांव में 'मनराजी शिक्षण संस्थान' की स्थापना की थी और तभी से वे अपनी पत्नी के साथ वहीं निवास कर रहे थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर शिक्षामित्र की थी और वर्ष 2009 में वे सहायक अध्यापक के पद पर चयनित हुए थे। उनका इकलौता 20 वर्षीय पुत्र अभ्युदय वर्तमान में दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है। मुकेश तीन भाइयों में सबसे छोटे थे; उनके बड़े भाई अवधेश सिंह गाजीपुर स्थित पीजी कॉलेज में शिक्षक हैं, जबकि दूसरे भाई अखिलेश सिंह लखनऊ को-ऑपरेटिव बैंक में कार्यरत हैं। फिलहाल, स्थानीय पुलिस घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित करने के साथ-साथ इस ब्लाइंड मर्डर के कारणों की तह तक जाने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

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