इंदौर। इंदौर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (MGM) में प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों से जुड़ी रैगिंग की एक गंभीर शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। यह शिकायत सीधे नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के एंटी-रैगिंग सेल तक पहुंच चुकी है, जिसके उपरांत कमीशन द्वारा कॉलेज प्रबंधन से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। पीड़ित छात्रों द्वारा दी गई शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि रात्रि के समय सीनियर छात्र हॉस्टल में पहुंचे और उनके कमरों के दरवाजे लगातार पीटकर उन्हें बाहर बुलाने का प्रयास किया। फिलहाल कॉलेज प्रबंधन अपने स्तर पर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर रहा है और हॉस्टल में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के माध्यम से घटनाक्रम की सत्यता की पुष्टि की जा रही है।
रात 1 से 3 बजे के बीच हॉस्टल में हुई गतिविधि
छात्रों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना हॉस्टल के ब्लॉक नंबर छह में रात्रि लगभग 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच घटित हुई। आरोप है कि कुछ वरिष्ठ छात्र उस समयावधि में वहां पहुंचे और फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों के कमरों के दरवाजे जोर-जोर से पीटने लगे ताकि वे बाहर आ जाएं। हालांकि, अत्यधिक भयभीत होने के कारण प्रथम वर्ष के छात्रों ने अपने कमरे के दरवाजे अंदर से बंद रखे और नहीं खोले। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यद्यपि उस दौरान हॉस्टल परिसर में सुरक्षाकर्मी भी तैनात था, किंतु उसने सीनियर छात्रों को उस ब्लॉक में प्रवेश करने से रोकने का कोई सार्थक प्रयास नहीं किया। छात्रों का यह भी दावा है कि उन्हें किसी तरह हॉस्टल परिसर से बाहर बुलाने की भी कोशिश की गई थी।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए होगी निष्पक्ष जांच
शिकायत मिलने के तुरंत बाद, MGM मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने संबंधित हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को एंटी-रैगिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। अब इस जांच का सबसे अहम हिस्सा उस विशेष रात की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को बनाया गया है। चूंकि शिकायत में घटना का समय रात 1 से 3 बजे के बीच का बताया गया है, इसलिए तकनीकी टीम उसी समयावधि की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि यह घटना ब्लॉक नंबर छह से संबंधित है, जहाँ फर्स्ट ईयर के छात्र निवास करते हैं, और नियमों के अनुसार इस ब्लॉक में सीनियर छात्रों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे में कमेटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उस रात कोई वरिष्ठ छात्र वहां मौजूद था और यदि हां, तो उसके वहां आने का क्या उद्देश्य था।
मीटिंग के नाम पर मोबाइल फोन जमा कराने का आरोप
शिकायत में यह भी सामने आया है कि यदि सीसीटीवी फुटेज में छात्रों को कमरे से बाहर बुलाने या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की पुष्टि होती है, तो प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। इसके अतिरिक्त, गणेशोत्सव (गणपति उत्सव) के दौरान प्रथम वर्ष के छात्रों को एक विशेष मीटिंग के लिए जबरन बुलाए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। छात्रों का कहना है कि उस दौरान उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए थे। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इन तमाम आरोपों की आधिकारिक पुष्टि केवल विस्तृत जांच प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही की जा सकेगी।
दस दिनों के भीतर सामने आया रैगिंग का दूसरा प्रकरण
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, MGM मेडिकल कॉलेज में पिछले लगभग 10 दिनों के भीतर रैगिंग से जुड़ा यह दूसरा ऐसा मामला सामने आया है, जिससे शैक्षणिक माहौल गरमा गया है। इससे पहले एमटीएच अस्पताल से संबद्ध एक पीजी (PG) छात्र द्वारा भी रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस पूर्ववर्ती मामले में कॉलेज प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाते हुए एक जांच कमेटी का गठन किया गया था और संबंधित विभाग के एचओडी (HOD) को हटाने की बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई थी। इसके पश्चात नया ड्यूटी रोस्टर भी तैयार किया गया था, हालांकि रात्रि के समय केवल एक ही डॉक्टर की ड्यूटी लगाए जाने के निर्णय को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि इस संस्थान में रैगिंग की शिकायतें पहले भी छिटपुट रूप से सामने आती रही हैं। सितंबर माह के दौरान जब 2024 बैच के 109 विद्यार्थी हॉस्टल में रहने आए थे, तब उनमें से लगभग 50 छात्रों द्वारा रैगिंग के मानसिक तनाव से परेशान होकर हॉस्टल छोड़ने की बात भी उजागर हुई थी, जिसकी गूंज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सुनाई दी थी।

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