उज्जैन (मध्य प्रदेश)। उज्जैन के अब्दालपुरा क्षेत्र में स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सोमवार को भारी उपद्रव और हंगामा देखने को मिला। इस दौरान कार्रवाई का विरोध कर रही भीड़ द्वारा पुलिस बल और जिला प्रशासन की टीम पर पथराव किया गया, जिसके जवाब में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले दागे। इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 10 नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज की है और अब तक 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस प्रकरण में एक आधिकारिक शिकायत शहर काजी की ओर से भी दर्ज कराई गई है।
सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स की संलिप्तता और अफवाहें
क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से उपद्रव फैलाने, पुलिस बल पर पथराव करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने जिन 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, उनमें पांच सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स भी शामिल हैं। इन पर यह गंभीर आरोप है कि इन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से यह झूठी अफवाह फैलाई कि पूरी मस्जिद को गिराया जा रहा है, जिससे लोगों की भावनाएं भड़कीं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इन भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट्स के बाद ही उग्र भीड़ ने मौके पर पहुंचकर पथराव किया और कानून-व्यवस्था को खतरे में डाला। प्रशासन अब ऐसे तमाम डिजिटल हैंडल्स की गहन जांच कर रहा है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज
इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के कानूनी पक्ष की बात करें तो, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में शाही मस्जिद कमेटी की ओर से एक याचिका दायर की गई थी। न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया और सड़क चौड़ीकरण की इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह वैध करार दिया। इसके पश्चात, जिला प्रशासन और स्थानीय मस्जिद समिति के मध्य आपसी सहमति बनी थी कि सड़क के दायरे में आने वाले शाही मस्जिद के 3 फीट हिस्से को हटाया जाएगा।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना और स्थानीय स्थिति
यह पूरा विवाद गोपाल मंदिर से लेकर कंठाल चौराहे तक कुल 900 मीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत इस मार्ग को 15 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर चौड़ा किया जाना है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा इसी सड़क की जद में आ रहा है, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि शुरुआती विरोध और बवाल के बाद अब स्थानीय नागरिकों ने स्वयं ही मस्जिद के उस हिस्से को हटाना शुरू कर दिया है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए ड्रोन कैमरों तथा सीसीटीवी फुटेज के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है।

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