अमृतसर। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर सोमवार को अमृतसर पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध श्री दरबार साहिब में माथा टेका। वह पूरे 15 साल के अंतराल के बाद दूसरी बार अमृतसर आए हैं। उनके साथ अमेरिकी अधिकारियों और अमेरिकी कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों का एक उच्च-स्तरीय दल भी मौजूद था।
श्री दरबार साहिब में स्वागत और सिख मुद्दों पर चर्चा
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भव्य स्वागत: श्री दरबार साहिब पहुंचने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
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यादों का साझा और विचार-विमर्श: अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के अनुसार, अमेरिकी राजदूत ने अपनी पिछली यात्रा की यादों को ताजा किया। इस दौरान सिख समुदाय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर आपस में विचार-विमर्श हुआ। धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि राजदूत को इस दौरान कोई औपचारिक मांगपत्र नहीं सौंपा गया।
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आपत्तिजनक सामग्री का मुद्दा: बैठक के दौरान अमेरिका में सिखों से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीर या सामग्री के मामले का भी जिक्र आया। SGPC की ओर से अमेरिकी अधिकारियों को पूर्व में भेजे गए ईमेल और उसके बाद आपत्तिजनक सामग्री हटाए जाने के कदम पर भी चर्चा हुई।
एलपीयू (LPU) घटना पर जत्थेदार का कड़ा रुख
इस दौरे के बीच, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हाल ही में हुई छात्रों की हिंसा और विरोध प्रदर्शन को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है:
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संस्कृति के खिलाफ: जत्थेदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाड़ियां फूंकना, विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ करना और सामान लूटना पंजाब और पंजाबियों की मूल संस्कृति और स्वभाव का हिस्सा बिल्कुल नहीं है।
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निष्पक्ष जांच और शांति की अपील: उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। इसके साथ ही, उन्होंने एलपीयू प्रशासन और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे स्थिति को तुरंत नियंत्रित करें और छात्रों के बीच शांति व व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

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