September 27, 2026

उज्जैन में सुरेश रैना ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, पत्नी के साथ भस्म आरती में पहुंचे

उज्जैन। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना रविवार तड़के अपने पूरे परिवार के साथ मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका रैना, साले विवेक और उनकी पत्नी नेहा के साथ तड़के आयोजित होने वाली प्रसिद्ध भस्म आरती में हिस्सा लिया। भस्म आरती संपन्न होने के उपरांत रैना दंपत्ति और परिजनों ने बाबा महाकाल के पवित्र ज्योतिर्लिंग का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इस आध्यात्मिक यात्रा को अत्यंत दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव करार दिया।

तड़के भस्म आरती में हुए शामिल

रविवार तड़के महाकाल मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना भी निर्धारित प्रोटोकॉल और व्यवस्था के तहत साधारण श्रद्धालुओं की तरह आरती में सम्मिलित हुए। आरती के दौरान संपूर्ण मंदिर प्रांगण जय महाकाल के जयकारों से गुंजायमान रहा। दर्शन के पश्चात परिसर में अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रैना ने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में आकर और आरती का प्रत्यक्ष साक्षी बनकर उन्हें एक अद्भुत ऊर्जा का अहसास हुआ है।

परिवार संग पूजा-अर्चना और अनुभूति

अपनी इस धार्मिक यात्रा के बारे में बताते हुए सुरेश रैना ने कहा कि उनकी पत्नी प्रियंका, साले विवेक और साले की पत्नी नेहा इस यात्रा में उनके साथ मौजूद रहे। पूरे परिवार ने साथ मिलकर गर्भगृह के समक्ष बाबा महाकाल की पूजा की और देश व परिवार की समृद्धि की कामना की। रैना ने बताया कि उज्जैन पहुंचते ही मन को असीम आध्यात्मिक शांति प्राप्त हुई और भस्म आरती की दिव्यता को इतने निकट से देखना उनके जीवन का एक अनोखा व खास पल बन गया।

प्रियंका रैना का पहला ज्योतिर्लिंग दर्शन

महाकाल दर्शन के उपरांत सुरेश रैना की पत्नी प्रियंका रैना ने भी अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि यह उनके जीवन का पहला ज्योतिर्लिंग दर्शन था और उज्जैन आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई है। उन्होंने महाकाल मंदिर की दिव्य व्यवस्था और आरती के अलौकिक दृश्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस दौरान सुरेश रैना ने सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार उज्जैन आकर भगवान महाकाल के दर्शन अवश्य करने चाहिए, क्योंकि भस्म आरती का अहसास शब्दों से परे है।