September 22, 2026

झूठे दुष्कर्म केस की साजिश का पर्दाफाश, तीन आरोपियों पर केस दर्ज

बिलासपुर। न्यायधानी में आर्थिक लाभ के उद्देश्य से चार निरपराध युवकों को सामूहिक दुष्कर्म के फर्जी प्रकरण में फंसाने के आपराधिक षड्यंत्र का पुलिस प्रशासन ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की गहन एवं तकनीकी जांच में नाबालिग द्वारा दर्ज कराई गई गैंगरेप की शिकायत पूरी तरह मनगढ़ंत एवं कूटरचित पाई गई। वास्तविक तथ्य उजागर होने के उपरांत पुलिस ने झूठी शिकायत दर्ज कराने वाली नाबालिग सहित षड्यंत्रकारी तीनों आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

नशे का लालच देकर रची गई साजिश

प्राप्त विवरण के अनुसार, आरोपी नाबालिग जतिया तालाब क्षेत्र में उपस्थित थी, जहां महिमा यादव नामक युवती उसे मादक पदार्थ पिलाने के बहाने बिना नंबर की स्कूटी से मरघट क्षेत्र में ले गई। वहां पूर्व से मौजूद ईशु सिंह एवं आर्यन रात्रे मदिरापान कर रहे थे। तत्पश्चात ईशु सिंह ने नाबालिग को आर्थिक प्रलोभन देते हुए कहा कि वह किसी से ₹30 हजार की व्यवस्था करेगा, जिसमें से नशा पूर्ति के अतिरिक्त ₹20 हजार वह स्वयं रख सकती है। इसके एवज में नाबालिग को ग्राम सैदा निवासी संदीप धीवर, दीपू केंवट, टेगना एवं शैलेष के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म का फर्जी आरोप लगाने हेतु तैयार किया गया।

खेत में झूठे साक्ष्य गढ़ने का प्रयास

योजनानुसार रात्रि लगभग 12 बजे नाबालिग को सैदा स्थित एक कृषि खेत में ले जाया गया। ईशु के निर्देशानुसार झूठी घटना को वास्तविक दर्शाने के उद्देश्य से आर्यन ने नाबालिग के परिधानों को क्षति पहुंचाकर उन पर कीचड़ लगा दिया। इस संपूर्ण घटनाक्रम का महिमा मोबाइल फोन से वीडियो बनाती रही तथा ईशु ने साक्ष्य गढ़ने हेतु एक पुराना मोबाइल फोन तोड़कर मौके पर बिखेर दिया।

थाने में दर्ज कराई फर्जी प्राथमिकी, जांच में खुली पोल

तत्पश्चात आरोपियों ने नाबालिग को धमकी देकर सकरी पुलिस थाने ले जाकर चार युवकों के विरुद्ध झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जब घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्यों एवं बयानों का मिलान किया, तो संपूर्ण कहानी काल्पनिक एवं सुनियोजित पाई गई।

तथ्य सामने आने के पश्चात पुलिस ने जरहाभाठा मिनीबस्ती निवासी महिमा यादव, आर्यन रात्रे तथा सकरी निवासी ईशु सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।