September 20, 2026

यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचा यूजीसी विरोध, प्रदर्शनकारियों के हंगामे से यातायात प्रभावित

आगरा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विरोध में यूजीसी मुक्ति मोर्चा द्वारा रविवार को आहूत ट्रैक्टर मार्च के दौरान पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के मध्य तीखा टकराव देखने को मिला। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जैसे ही प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ आगे बढ़े, पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान उग्र भीड़ और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके उपरांत प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी।

यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शन, वाहनों की लंबी कतारें

बैरिकेडिंग ध्वस्त कर प्रदर्शनकारी यमुना एक्सप्रेसवे पर जा पहुंचे और जोरदार नारेबाजी व हंगामा प्रारंभ कर दिया। इसके परिणामस्वरूप यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात पूर्णतः बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

खंदौली के मुड़ी चौराहे से प्रारंभ हुआ धरना-प्रदर्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खंदौली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुड़ी चौराहे पर यूजीसी मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शनिवार देर रात्रि से ही अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया था। मोर्चा के सदस्यों के एकत्र होने के साथ ही स्थल पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों का जमावड़ा शुरू हो गया था। यद्यपि 20 सितंबर को मार्च निकालने की पूर्व घोषणा की गई थी, किंतु कार्यकर्ता एक दिन पूर्व ही धरने पर बैठ गए थे।

कलेक्ट्रेट जाकर ज्ञापन सौंपने की थी योजना

मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मुड़ी चौराहे से शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए आगरा कलेक्ट्रेट पहुंचना था, जहां जिलाधिकारी को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा जाना तय किया गया था।

50 हजार लोगों के जुटने का दावा, पुलिस-प्रशासन मुस्तैद

यूजीसी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान तथा संपूर्ण समस्या समाधान संगठन के अध्यक्ष अवनीश कुमार वैस ने इस मार्च में हजारों ट्रैक्टरों के साथ लगभग 50 हजार लोगों के सम्मिलित होने का दावा किया था। प्रस्तावित मार्च व धरने की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अमला पूर्व से ही अलर्ट मोड़ पर था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे तथा पूर्व में ही लगभग 80 आयोजकों व कार्यकर्ताओं को पाबंद करते हुए नोटिस तामील कराए गए थे।