September 19, 2026

ग्रुप-3 और 4 की भर्ती में इंटरव्यू खत्म, सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र बांटकर बताई प्रक्रिया

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राज्य सरकार के 'मिशन रोजगार' अभियान के तहत विभिन्न सरकारी विभागों के लिए नवचयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन के पदों पर इन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

प्रशासनिक सुधारों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए आयुष विश्वविद्यालयों और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व की व्यवस्थाओं के विपरीत, जहां भर्ती विज्ञापनों के जारी होते ही बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय हो जाता था, वर्तमान सरकार ने समूह 'ग' और 'घ' (ग्रुप-3 व 4) की भर्तियों में साक्षात्कार (इंटरव्यू) प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया है ताकि मेधावी युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सके।

आगामी छह महीनों में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का लक्ष्य

लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी छह महीनों के भीतर राज्य सरकार एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 36 हजार तथा होमगार्ड विभाग में 41 से 42 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिनके शारीरिक एवं चिकित्सीय परीक्षण संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आगामी छह माह में घोषित होने वाले परिणामों से 25 से 30 हजार युवाओं को अवसर प्राप्त होंगे। नवीन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से भी 20 से 25 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिनके परिणाम अगले तीन से चार माह में अपेक्षित हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षाओं के माध्यम से भी 15 से 16 हजार अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न विभागों के लिए किया जाएगा।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक सुधार

मुख्यमंत्री ने चयन आयोगों और बोर्डों के पदाधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रशासनिक एवं भर्ती संस्थाएं राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर कार्य करती हैं, तो परीक्षाओं की शुचिता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व भर्ती प्रक्रियाओं में योग्यता के स्थान पर पक्षपात और भ्रष्टाचार का बोलबाला था, जिससे युवाओं के समक्ष भविष्य का संकट खड़ा हो गया था।

उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रणाली से रोजगार उपलब्ध कराया गया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश की जनसांख्यिकीय क्षमता (डेमोग्राफिक डिविडेंड) को आर्थिक अवसरों में परिवर्तित करने का कार्य किया है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक साख में सुदृढ़ता आई है।