मुम्बई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा है कि उन्हें अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के समाप्त होने का पहले ही अंदाजा हो गया था। इसी कारण अब वह चयनसमिति के फैसलों से वह दुखी नहीं होते। भुवनेश्वर लंबे समय से भारतीय टीम से दूर हैं और घरेलू व लीग क्रिकेट खेलते है। उन्होंने हालांकि कहा कि उनके मन में अभी भी देश के लिए दोबारा खेलने की तीव्र इच्छा है पर अब वह चयनकर्ताओं के फैसलों से वह दुखी नहीं होते। वहीं पहले टीम में जगह नहीं मिलने पर झटका लगता था।
भुवनेश्वर ने साल 2026 आईपीएल सत्र के बाद भारतीय टीम में वापसी के प्रयासों को और तेज कर दिया था। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दो आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जहां 2025 की खिताबी जीत में उन्होंने 17 विकेट लिए और 2026 सीज़न में 28 विकेट लिए। आईपीएल के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए यूपी टी20 लीग में लखनऊ फाल्कन्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाया और सेमीफाइनल में केवल 10 रन देकर चार विकेट लेकर अपनी अच्छी लय साबित कर दी। उनके इन प्रदर्शनों से यह साबित होता है कि उनमें अब भी बड़े स्तर पर प्रभाव छोड़ने की क्षमता है।
भुवनेश्वर ने नवंबर 2022 के बाद टीम इंडिया से बाहर होने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि टीम प्रबंधन के साथ हुई कुछ निजी बातचीत के आधार पर उन्हें लगा था कि अब भी भारत के लिए कुछ और मौके मिलेंगे। हालांकि, जब अवसर नहीं मिले, तो उन्हें धीरे-धीरे यह समझ आया कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उम्मीद से काफी पहले ही समाप्त हो चुका है। भुवनेश्वर ने इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने परिवार को दिया, जिन्होंने इस यात्रा में उनकी बड़ी भूमिका निभाई।
भुवनेश्वर ने कहा कि 2022 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की हार के बाद ही इस बदलाव को महसूस कर लिया था। उन्होंने बताया कि एडिलेड में हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद निराशाजनक था। उस रात होटल के कमरे में लौटकर उन्होंने अपनी पत्नी नूपुर से कहा था कि यह उनका अंतिम विश्व कप था। अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्हें यह समझ आ गया था कि किसी बड़े टूर्नामेंट में हार के बाद चयनकर्ता अक्सर भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अवसर देना शुरू कर देते हैं, और यह चयन प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा एक प्रकार से ठीक भी है।

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