September 12, 2026

‘मुझ पर हमला हुआ तो चंद्रशेखर जिम्मेदार’, आखिर कौन हैं डॉक्टर रोहिणी घावरी?

लखनऊ| नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाने वाली डॉ. रोहिणी घावरी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड से भारत लौट आई हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू, हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी और अक्कू पंडित समेत कई समर्थकों ने उनका स्वागत किया। भारत आगमन के तुरंत बाद रोहिणी ने सांसद का नाम लिए बिना उन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलने वाले व्यक्ति को न्यायप्रिय होना चाहिए, न कि शोषणकारी।

'मैं किसी दबाव में झुकने वाली नहीं': देशव्यापी दौरे और बैठकों की घोषणा

अपनी भावी कार्ययोजना को साझा करते हुए रोहिणी घावरी ने स्पष्ट किया कि वे किसी के दबाव या धमकी से डरकर बैठने वालों में से नहीं हैं। वे देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर जनसभाएं करेंगी और नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करेंगी। उन्होंने कहा कि वे किसी से सुरक्षा की गुहार नहीं लगाएंगी; यदि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सांसद चंद्रशेखर आजाद और उनकी 'भीम आर्मी' की होगी।

स्विट्जरलैंड को कहा अलविदा, राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ सामाजिक कार्यों का संकल्प

भारत वापसी से पूर्व रोहिणी ने सोशल मीडिया पर स्विट्जरलैंड प्रवास की तस्वीरें साझा करते हुए उस देश का आभार व्यक्त किया, जहां से उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच तक अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी विचारधारा को पूर्णतः राष्ट्रवादी और मानवतावादी बताते हुए कहा कि मिलेनियल्स और जेन-जी की युवा पीढ़ी देश में शिक्षा, सशक्तिकरण और समानता चाहती है। वे समाज को आपसी संघर्ष से दूर रखकर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करेंगी।

इंदौर के सफाई कर्मचारी की बेटी से संयुक्त राष्ट्र तक का सफर

लगभग 30 वर्षीय डॉ. रोहिणी घावरी मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की निवासी हैं। वे एक सफाई कर्मचारी की पुत्री हैं, जिन्होंने 2019 में राज्य सरकार की छात्रवृत्ति सहायता से स्विट्जरलैंड जाकर उच्च शिक्षा तथा डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की। वे 'जनपावर वेलफेयर फाउंडेशन' की संस्थापिका हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ से संबद्ध मंच पर अपने संबोधन के उपरांत 'जय श्री राम' के उद्घोष से वे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा में आई थीं।

राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत, शादी का झांसा और शोषण के गंभीर आरोप

रोहिणी के दावों के अनुसार, वर्ष 2020 में स्विट्जरलैंड प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात सांसद चंद्रशेखर आजाद से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच तीन वर्षों तक संबंध रहे। रोहिणी ने आरोप लगाया कि सांसद ने वैवाहिक स्थिति छिपाकर शादी का झांसा दिया तथा भावनात्मक व शारीरिक शोषण किया। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW), दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय में दी गई शिकायतों में उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के चुनाव के पश्चात उन पर 'कॉन्ट्रैक्ट मैरिज' का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर निजी तस्वीरें व वीडियो लीक करने की धमकियां दी गईं।