भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शमी को चयनकर्ताओं द्वारा नजरअंदाज किए जाने की बातों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'एक पूर्ण चैंपियन' बताया। शमी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की खिताबी जीत का हिस्सा थे, जिसके बाद से वे राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। 36 वर्षीय शमी लगातार घरेलू क्रिकेट में पसीना बहा रहे हैं और हाल ही में उन्होंने ईस्ट जोन को 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई है।
'घरेलू क्रिकेट में शमी का समर्पण देखना शानदार'
ईडन गार्डन्स में पत्रकारों से बात करते हुए गांगुली ने शमी के लगातार घरेलू क्रिकेट में खेलने और बेहतर प्रदर्शन करने की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शमी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन इसके बावजूद वे हर दिन मैदान पर उतरकर घरेलू क्रिकेट में अपना शत-प्रतिशत दे रहे हैं, जो देखना बेहद सुखद है।
2027 वनडे विश्व कप पर टिप्पणी करना जल्दबाजी
2027 में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप में शमी की वापसी की संभावनाओं पर गांगुली ने फिलहाल कोई भी जल्दबाजी में राय देने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि उस टूर्नामेंट में अभी काफी समय बाकी है, इसलिए इस विषय पर फिलहाल कुछ भी कहना सही नहीं होगा।
'उम्र के साथ बदलाव हर खिलाड़ी के करियर का हिस्सा'
शमी को चयन समिति द्वारा दरकिनार किए जाने के सवालों पर गांगुली ने कहा कि यह कोई अनदेखी नहीं है। उन्होंने अपने करियर का उदाहरण देते हुए समझाया कि जब उन्होंने 10,000 से अधिक रन बनाए थे, तब भी उन्हें एक साल के लिए वनडे टीम से बाहर होना पड़ा था, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत से वापसी की। उम्र बढ़ने के साथ हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आता है और शमी एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं जो वापसी का रास्ता जानते हैं। गांगुली ने इस दौरान दलीप ट्रॉफी जीतने पर पूरी ईस्ट जोन टीम को बधाई भी दी।
ईशान किशन की टेस्ट टीम में वापसी को लेकर गांगुली दिखे उम्मीदवंद
गांगुली ने ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन के प्रदर्शन की भी सराहना की और उन्हें फिर से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले के बाद उनकी किशन से बातचीत हुई थी। गांगुली के अनुसार, हर युवा क्रिकेटर का सपना टेस्ट टीम में खेलने का होता है। किशन ने दलीप ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी के बड़े मुकाबलों में निरंतर रन बनाए हैं। यदि वे घरेलू स्तर पर ऐसे ही रन बनाते रहे, तो उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम के दरवाजे जल्द ही फिर खुल सकते हैं।

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