September 11, 2026

भारत के परमाणु जखीरे पर FAS की रिपोर्ट, 730 किलो प्लूटोनियम का भी जिक्र

वाशिंगटन। भारत की सामरिक क्षमताओं को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सामने आई है, जिसके अनुसार देश के पास अनुमानित तौर पर 190 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इसमें नई मिसाइल प्रणालियों के लिए बनाए जा रहे 30 अतिरिक्त हथियार भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारत के पास लगभग 35 अन्य परमाणु हथियार निर्मित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्लूटोनियम का सुरक्षित भंडार भी उपलब्ध है।

यह आंकलन अमेरिका के एक गैर-सरकारी थिंकटैंक 'फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स' (FAS) की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है। एफएएस ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक आंकड़ों, सरकारी जानकारियों और व्यावसायिक उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर तैयार की है। एफएएस के न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हंस क्रिस्टेनसेन द्वारा लिखे गए लेख में कहा गया है कि भारत अपने परमाणु बेड़े को लगातार आधुनिक और मजबूत बना रहा है।

730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का विशाल भंडार

  • उत्पादन क्षमता: रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक 'इंटरनेशनल पैनल ऑन फिसाइल मटेरियल्स' का अनुमान था कि भारत ने लगभग 730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम तैयार कर लिया है।

  • भावी क्षमता: यह प्लूटोनियम सैद्धांतिक रूप से 140 से 225 के बीच नए परमाणु हथियार तैयार करने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त होगा।

परमाणु शस्त्रागार के विस्तार और डिजाइन का आंकलन

  • तैयार हथियार: विश्लेषकों के अनुसार भारत लगभग 190 हथियार असेंबल कर चुका है, हालांकि यह एक अनुमानित संख्या है।

  • तकनीकी पहलू: किसी भी परमाणु हथियार के निर्माण में प्लूटोनियम की वास्तविक खपत उसके विशेष डिजाइन और तकनीक पर निर्भर करती है।

थल, नभ और जल: तीनों मोर्चों पर बढ़ती सुरक्षा शक्ति

  • ट्रायड क्षमता: रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि भारत जमीन, हवा और समुद्र—तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है।