देश की राजधानी में सोने के दामों में तीन दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला गुरुवार को थम गया। खुदरा खरीदारों और स्टॉकिस्टों की नई लिवाली के बल पर सोना ₹600 उछलकर ₹1,58,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी में भी लगातार तीसरे दिन तेजी का दौर जारी रहा और यह ₹1,200 की मजबूती के साथ ₹2,44,600 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, बाजार में यह उछाल स्थानीय मांग और वैश्विक संकेतों के कारण देखने को मिला है।
बुलियन दरों का पूरा ब्योरा
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सोना (99.9% शुद्धता): ₹1,58,600 प्रति 10 ग्राम (बढ़त: +₹600 | पिछला बंद स्तर: ₹1,58,000)
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चांदी: ₹2,44,600 प्रति किलोग्राम (बढ़त: +₹1,200 | पिछला बंद स्तर: ₹2,43,400)
सोने-चांदी में तेजी के मुख्य कारण
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों को घरेलू स्तर पर नई खरीदारी से बड़ा सहारा मिला है। इसके अलावा, बाजार प्रतिभागी शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (CPI) के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसलों के लिए दिशा तय करेंगे।
विदेशी बाजारों में सतर्कता का माहौल
वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले निवेशकों ने सतर्कता बरती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 1.4 प्रतिशत गिरकर 4,340.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी में 6 प्रतिशत की नरमी देखी गई और यह 64.54 डॉलर प्रति औंस दर्ज की गई। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एवीपी कायनात चैनवाला ने बताया कि फेडरल रिजर्व की 15-16 सितंबर की बैठक से पहले वैश्विक निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाया दबाव
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल में लगातार तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड $102.5 प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड $96.5 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जो मई के बाद का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ाया है, जिसका असर सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।

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