September 10, 2026

बंगाल में चुनावी तैयारी तेज, BJP की नई टीम में शुभेंदु और सुकांत को अहम कमान

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों की आहट के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना सांगठनिक ढांचा मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 14 महीने के लंबे इंतजार के बाद 263 नेताओं की एक विशाल राज्य स्तरीय टीम की घोषणा कर दी है। इस नई सूची में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को विभिन्न जिलों और रणनीतिक क्षेत्रों की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव को लेकर भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

राज्य की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा के उपरांत कोलकाता और हावड़ा सहित कई प्रमुख नगर निगमों में चुनाव संभावित हैं। बेहद चर्चित नंदीग्राम सीट तमलुक संगठनात्मक जिले के अंतर्गत आती है, जिसे ध्यान में रखते हुए वहां की मुख्य कमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को सौंपी गई है। वहीं, उनके पिता व वरिष्ठ नेता शिशिर अधिकारी को कांथी (कोंटाई) क्षेत्र का दायित्व दिया गया है।

प्रमुख दिग्गजों को मिलीं इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारियां

पार्टी नेतृत्व ने अनुभवी नेताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन साधते हुए जिम्मेदारियों का बंटवारा किया है:

  • शुभेंदु अधिकारी: तमलुक (नंदीग्राम सीट सहित)

  • सुकांत मजूमदार: दक्षिण दिनाजपुर

  • शांतनु ठाकुर: बनगांव

  • निशीथ प्रमाणिक: कूचबिहार

  • तापस रॉय: उत्तर कोलकाता

  • शिशिर अधिकारी: कांथी

  • अभिजीत दास: डायमंड हार्बर

  • जगन्नाथ चट्टोपाध्याय: बीरभूम

  • शंकर घोष: सिलीगुड़ी

इसके अतिरिक्त राजकमल पाठक और श्यामचांद घोष जैसे पुराने सांगठनिक चेहरों को भी टीम में स्थान देकर आंतरिक गुटबाजी को समाप्त करने का प्रयास किया गया है।

जमीनी स्तर पर कैडर को सक्रिय करने की व्यापक रणनीति

समिक भट्टाचार्य के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से इस संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रतीक्षा की जा रही थी। जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे से रिक्त हुई सीटों पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। 263 सदस्यीय इस वृहद टीम के माध्यम से पार्टी का ध्येय न केवल आगामी उपचुनावों में सफलता दर्ज करना है, बल्कि आगामी निकाय चुनावों के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरना भी है।