पेंड्रा: पेंड्रा शहर की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग 'पेंड्रा बाईपास' के निर्माण को लेकर स्थानीय जिला प्रेस क्लब द्वारा शुरू किया गया प्रयास अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जिला प्रेस क्लब के ज्ञापन और पत्राचार पर संज्ञान लेते हुए मामला मुख्यमंत्री सचिवालय से होते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच गया है, जिससे परियोजना के शीघ्र शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री निवास से लोक निर्माण विभाग को पत्र जारी
जिला प्रेस क्लब ने स्वीकृत 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बाईपास के निर्माण और इसके लिए आवश्यक बजट की तत्काल स्वीकृति को लेकर शासन स्तर पर गुहार लगाई थी। प्रेस क्लब अध्यक्ष अखिलेश नामदेव और अन्य सदस्यों द्वारा उठाए गए इस जनहित के मुद्दे पर मुख्यमंत्री निवास, छत्तीसगढ़ शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, नवा रायपुर को प्रेषित किया। इसके बाद मुख्य अभियंता (प्रशासन) ने कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही संभाग को आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
प्रकरण को उच्च प्राथमिकता पर रखकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश
लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी पत्र में पेंड्रा बाईपास से संबंधित विषय को बेहद संवेदनशील और उच्च प्राथमिकता श्रेणी में रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को वस्तुस्थिति के आधार पर नियमानुसार गंभीरतापूर्वक प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही, इस संबंध में की गई प्रगति रिपोर्ट की जानकारी मुख्य अभियंता कार्यालय के साथ-साथ आवेदक संगठन को भी उपलब्ध कराने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।
नगर को दुर्घटनाओं और जाम से मुक्ति दिलाएगा बाईपास
पेंड्रा बाईपास की स्थापना केवल एक भौगोलिक मांग नहीं, बल्कि संपूर्ण अंचल की सुरक्षा, सुगम यातायात और विकास से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। वर्तमान में भारी व्यावसायिक वाहनों के शहर के बीचों-बीच से गुजरने के कारण आए दिन भीषण ट्रैफिक जाम और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति निर्मित होती रहती है।
क्षेत्रवासियों में जागी बजट स्वीकृति और निर्माण की उम्मीद
मुख्य अभियंता कार्यालय से मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश जारी होने के बाद स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर है। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें लोक निर्माण विभाग द्वारा बजट आवंटन और बाईपास निर्माण की प्रक्रिया को धरातल पर उतारने के लिए की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

More Stories
कांकेर नक्सली केस में पांच दोषियों को जेल, दंपती को 7 साल और तीन को 5 साल की सजा
मासूम बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा
स्कूलों में RTE सीटों का क्या हुआ? हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट