September 8, 2026

दुमका में फर्जीवाड़े पर बड़ा एक्शन, आंगनबाड़ी सेविका पूजा दास की नियुक्ति रद्द

दुमका| झारखंड के दुमका ज़िले के रानीश्वर प्रखंड अंतर्गत भुड़ावाली आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका पूजा दास पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप सही पाया गया है। विभागीय जांच में प्रमाण पत्र जाली साबित होने के उपरांत प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त (चयन मुक्त) कर दिया है। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जानिए क्या है पूरा घटनाक्रम?

भुड़ावाली आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत सेविका पुतुलरानी दास का 23 जून 2024 को निधन हो गया था। इसके बाद उनकी बहु पूजा दास ने आश्रित श्रेणी के तहत प्राथमिकता के आधार पर सेविका पद के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। पूर्व में योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण चयन सभा स्थगित कर दी गई थी, परंतु 11 नवंबर 2025 को आयोजित दूसरी आम सभा में पूजा दास सहित तीन अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया, जिसके बाद नियमों के तहत पूजा दास का चयन कर लिया गया।

जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल

चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मानदेय स्वीकृत करने का प्रावधान है। इसी प्रक्रिया के तहत बाल विकास परियोजना अधिकारी ने पूजा दास द्वारा जमा किए गए अंक पत्रों और प्रवेश पत्रों के सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड व स्कूल को पत्र भेजा। मुंगेर स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय नौवागढ़ी द्वारा लिखित रूप से स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2018 का वह प्रवेश पत्र और अंक पत्र उनके विद्यालय से जारी ही नहीं किया गया है।

दूसरी आम सभा में जमा कराए गए थे फर्जी दस्तावेज

जांच में यह बात भी सामने आई कि पहली आम सभा के दौरान पूजा दास के पास कोई शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र मौजूद नहीं था। परंतु दूसरी आम सभा के समय उन्होंने वर्ष 2018 की माध्यमिक और 2020 की इंटरमीडिएट परीक्षा के जाली कागजात तैयार कराकर जमा कर दिए थे, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।

उप विकास आयुक्त के आदेश पर सेवा से किया गया मुक्त

प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद उप विकास आयुक्त के निर्देश पर सीडीपीओ द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। मंगलवार को बाल विकास परियोजना अधिकारी ने स्वयं आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर पूजा दास को सेवा से मुक्त करने का आधिकारिक पत्र सौंपा और मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए।