September 8, 2026

राजसी सवारी में निकले बाबा महाकाल, 6 स्वरूपों में दिए दर्शन; ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा, मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर किया स्वागत

भाद्रपद माह की दूसरी और अंतिम सवारी आज सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य राजसी सवारी के रूप में निकाली गई. शाम 4 बजे भगवान महाकाल चांदी की पालकी में श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलें. इस दौरान बाबा महाकाल के छह स्वरूपों के दर्शन श्रद्धालुओं को हुए.सवारी से पहले मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का विधि-विधान से पूजन किया गया. इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. पालकी महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी और हरसिद्धि पाल होते हुए रामघाट पहुंची.

रामघाट पर भगवान महाकाल और हाथी पर विराजित श्री मनमहेश का मां क्षिप्रा के तट पर पूजन और आरती हुई. इसके बाद सवारी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, तेलीवाड़ा, कंठाल, सती गेट, सराफा और छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचेगी. यहां सिंधिया स्टेट की परंपरा के अनुसार भगवान का पूजन किया जाएगा. इसके बाद सवारी पटनी बाजार, गुदरी और महाकाल चौराहा होते हुए मंदिर लौटेगी.

सात स्वरूपों मे बाबा ने दिए दर्शन
राजसी सवारी में श्री चंद्रमोलेश्वर, श्री मनमहेश, श्री शिव तांडव, श्री उमा-महेश, होल्कर स्टेट के मुखारविंद और श्री सप्तधान स्वरूप शामिल रही, चल समारोह में 73 भजन मंडलियां, साधु-संत, बैंड, पुलिस बल और विभिन्न दल भी हिस्सा लिया. साथ ही सिंहस्थ महापर्व 2028 की झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रही.

सवारी मार्ग मे जगह-जगह पुष्प वर्ष
बाबा महाकाल की सवारी निकलने सेभक्त भगवानमहाकाल की एक झलक पाने को घंटो खडे नज़र आए. इतना ही नहींपुरे सवारी मार्ग मे बाबा के स्वागत के लिए भव्य रंगोली बनाई गई. इसी के साथ ड्रोन से पुष्पवर्षा भी हुई. सवारी के विभिन्न मार्गो परकही मुस्लिम समुदाय के लोगो ने बाबा के स्वागत मे फूल बरसाए. लाखो श्रद्धांलुओं बाबा की एक झलक पाने को आतुर रहे.