September 7, 2026

मोदी की तस्वीर हटाने पर बोले राज ठाकरे- सरकारी संस्थान में PM की फोटो होनी चाहिए, लेकिन जगह का ध्यान रखें

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर दीवार से हटाने को लेकर जारी राजनीतिक विवाद पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है। मनसे कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा ज्योतिराव फुले जैसे महान महापुरुषों की कतार में किसी भी अन्य व्यक्ति की तस्वीर नहीं लगाई जा सकती।

महापुरुषों की कतार में तस्वीर न लगाने की सलाह

राज ठाकरे ने कहा कि सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और प्रशासनिक संस्थानों में देश के प्रधानमंत्री की फोटो लगाना पूरी तरह संवैधानिक और प्रोटोकॉल का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और इसमें कोई दो राय नहीं है। भले ही वैचारिक मतभेद हों, लेकिन उनकी फोटो दूसरी दीवार पर होनी चाहिए, महापुरुषों की उसी कतार में नहीं।" उन्होंने सभी सरकारी संस्थानों और शैक्षणिक प्रतिष्ठानों को अपनी गलती सुधारने की सलाह दी।

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब मनसे की छात्र इकाई (MNVS) के अध्यक्ष और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे छात्रों की समस्याएं सुनने कॉलेज पहुंचे थे। प्रिंसिपल कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के बिल्कुल बगल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर देखकर अमित ठाकरे ने आपत्ति जताई, जिसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने वहां से तस्वीर हटा दी।

अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर मामला दर्ज

तस्वीर हटाए जाने की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर चतुर्श्रृंगी पुलिस ने अमित ठाकरे और 20 से 25 अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में पार्टी के तीन पदाधिकारियों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि, घटना के तुरंत बाद कॉलेज प्रशासन ने प्रधानमंत्री की तस्वीर को वापस उसी स्थान पर लगा दिया।