दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से मानवता और स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर तस्वीर सामने आई है। जिले के बटियागढ़ ब्लॉक अंतर्गत आदिवासी अंचल अजब धाम फतेहपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय प्रसव पीड़ा से तड़पती गर्भवती महिला को अस्पताल के दरवाजे पर ताला लटका मिला। परिजन करीब 4 घंटे तक अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य कर्मियों के आने की आस लगाए बैठे रहे, लेकिन न तो ताला खुला और न ही कोई डॉक्टर या एएनएम मौके पर पहुंची।
अंततः प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ने पर स्थानीय महिलाओं की मदद से अस्पताल के बाहर चबूतरे पर ही साड़ियों का पर्दा बनाकर महिला की डिलीवरी करानी पड़ी।
4 घंटे तक नहीं खुला ताला, चबूतरे पर गूंजी किलकारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फूडताल सादपुर गांव निवासी मादेश भील अपनी गर्भवती पत्नी मन्जो भील को प्रसव हेतु अजब धाम फतेहपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। मादेश भील ने बताया कि अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा था और अंदर कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। रात के अंधेरे में प्रसव पीड़ा से बदहवास महिला को बाहर चबूतरे पर ही लिटाना पड़ा। जब 4 घंटे तक कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा और महिला की स्थिति बिगड़ने लगी, तब गांव की महिलाओं ने आगे आकर साड़ियों की आड़ बनाई और असुरक्षित स्थिति में प्रसव कराया। इसके बाद निजी वाहन का प्रबंध कर जच्चा-बच्चा को बटियागढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
लोकार्पण के बाद बदहाली का शिकार हुआ स्वास्थ्य केंद्र
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण आनंद मंत्री लखन पटेल द्वारा किया गया था। लेकिन उद्घाटन के बाद से ही इस केंद्र को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है और यहां अक्सर ताला लटका रहता है। ग्रामीण क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए बने इस केंद्र की इस बदहाली ने सरकारी दावों और मंत्री की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खबर का असर: CMHO ने ANM को थमाया अल्टीमेटम
मामले का खुलासा होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने घटना पर कड़ा संज्ञान लिया है। विभाग ने अस्पताल में ताला बंद रहने और ड्यूटी से नदारद रहने के मामले में एएनएम (ANM) लक्ष्मी अहिरवाल को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े होते बड़े सवाल
अनुपस्थिति पर सवाल: क्या इस उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई जाती है?
आपातकालीन लापरवाही: 4 घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पने के बावजूद कोई जिम्मेदार कर्मी मौके पर क्यों नहीं पहुंचा?
सुरक्षा का संकट: यदि प्रसव के दौरान कोई अनहोनी या गंभीर जटिलता हो जाती, तो इसकी जवाबदेही किसकी होती?

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