September 5, 2026

हरतालिका तीज पर बन रहा खास संयोग, इस बार शिव-पार्वती के साथ होगी गणपति की भी पूजा

सुहागिन महिलाओं के लिए तीज का पर्व बेहद खास और आस्था से जुड़ा हुआ माना जाता है. पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाएं हरतालिका तीज का कठिन निर्जला व्रत रखती हैं. हिंदू धर्म में इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में शामिल किया जाता है, क्योंकि महिलाएं करीब 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करती हैं. हरतालिका तीज का पर्व भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस दिन महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिलता है. सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती और पूरे शिव परिवार की पूजा करती हैं.

इस दिन मिट्टी और बालू से बनते हैं भगवान शिव और माता पार्वती
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी. कहा जाता है कि माता पार्वती ने बालू और शुद्ध मिट्टी से शिवलिंग बनाकर भगवान भोलेनाथ की पूजा की थी. उनकी कठिन तपस्या और अटूट श्रद्धा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया. इसी कारण हरतालिका तीज का व्रत महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से यह व्रत रखने वाली महिलाओं को अखंड सौभाग्य, पारिवारिक सुख और दांपत्य जीवन में खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है.

क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य
साल 2026 में हरतालिका तीज को लेकर एक खास संयोग बनने जा रहा है. संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि इस साल हरतालिका तीज का व्रत 14 अगस्त को रखा जाएगा. खास बात यह है कि इसी दिन गणेश चतुर्थी का पर्व भी पड़ रहा है. ऐसे में इस बार का हरतालिका तीज व्रत और भी विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ भगवान गणेश की भी पूजा-अर्चना की जाएगी. एक ही दिन शिव परिवार और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना का अवसर भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है.

पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, हरतालिका तीज के दिन पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त रहेंगे. सुबह की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 05 मिनट से लेकर 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. श्रद्धालु इन शुभ मुहूर्तों में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं.