September 1, 2026

मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला, विकास परियोजनाओं के साथ मूंग खरीदी पर भी जोर

भोपाल | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई है, जिसके बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि, डेयरी विकास, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए कुल 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इनमें किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की सीमा को कुल पैदावार के 25 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 60 प्रतिशत कर दिया गया है।

डेयरी सेक्टर के विकास के लिए 2,973 करोड़ की सौगात

दुग्ध उत्पादकों को संबल देने और डेयरी क्षेत्र के विजन को विस्तार देने के लिए कैबिनेट ने लगभग 2,973 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। इस योजना के तहत केवल दूध प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) क्षमता को बढ़ाने के लिए 1,547 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अगले पाँच वर्षों के भीतर सहकारी दुग्ध समितियों के दायरे को मौजूदा 7,331 गाँवों से बढ़ाकर 26 हजार गाँवों तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, दूध संकलन की क्षमता को प्रतिदिन 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम और प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। साथ ही, दूध के पैकेटों की दैनिक बिक्री को 7 लाख लीटर से बढ़ाकर 35 लाख लीटर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स

राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई अहम बदलाव और मंजूरियां दी गई हैं:

  • पश्चिमी भोपाल बाईपास परियोजना: इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की लागत 2,981 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 3,225 करोड़ रुपये हो गई है, जिसका मुख्य कारण मुआवजे का गुणांक दो से बढ़ाकर चार किया जाना है। रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे अंडरपास के चलते इस बाईपास की कुल लंबाई 40 किलोमीटर से घटकर 35.61 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे आवागमन की दूरी में लगभग 21 किलोमीटर की खासी कमी आएगी।

  • फोरलेन सड़क निर्माण: महलनुआ-बीना-खेमला-सामलथौन मार्ग को आधुनिक फोरलेन में अपग्रेड करने के लिए लगभग 2,776 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव: आरजीपीवी की जगह बनेंगे तीन नए विश्वविद्यालय

उच्च और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के स्थान पर प्रदेश में तीन नए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया गया है। ये नए संस्थान निम्नलिखित होंगे:

  1. मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल

  2. मालवा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उज्जैन

  3. महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर

कैबिनेट ने इन नए विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन और प्रतिनियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी दे दी है।

स्वास्थ्य, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संपत्तियों के रखरखाव के लिए 915.77 करोड़ रुपये तथा अत्याधुनिक मशीनों व उपकरणों के संधारण के वास्ते 488.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नवगठित जिलों में आयुष विभाग के जिला कार्यालयों के संचालन के लिए 20 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।

प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत, बच्चों के पलायन से जुड़े एक मामले में दोषी पाए गए अधिकारी राजीव द्विवेदी की देय पेंशन से एक वर्ष तक पाँच प्रतिशत राशि रोकने का निर्णय लिया गया है। वहीं, भ्रष्टाचार और रिश्वत के मामले में दोषसिद्ध हो चुके सेवानिवृत्त पूर्व उप वन क्षेत्रपाल अब्दुल तनवीर खान की संपूर्ण पेंशन को स्थायी तौर पर रोकने का प्रस्ताव पास किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के वित्तीय अनुपात को तय करने के साथ ही हर जिले में जनशिकायतों के त्वरित निवारण के लिए 'लोकपाल' की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। सरकार ने 'जन विश्वास अभियान' की आगामी तिथि में बदलाव करते हुए इसे जन्माष्टमी के चलते अब 11 सितंबर तय किया है।