September 1, 2026

पतंग के पीछे दौड़ते समय बोरवेल में गिरा भानू, पांच घंटे बाद हुआ सफल रेस्क्यू

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के बुटोली गांव में सोमवार रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां 400 फीट गहरे पुराने बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय बच्चे को करीब पांच घंटे तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पतंग पकड़ने के दौरान बोरवेल में गिरा भानू करीब 40 से 50 फीट की गहराई में फंस गया था। पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद रात 11 बजे उसे बाहर निकाला, जिसके बाद मौके पर खुशी की लहर दौड़ गई।

पतंग के पीछे दौड़ते समय पत्थर खिसकने से हुआ हादसा

शिशराम का 9 वर्षीय पुत्र भानू कटी हुई पतंग के पीछे खेत की ओर दौड़ रहा था। इसी दौरान उसका पैर लंबे समय से बंद पड़े 400 फीट गहरे बोरवेल पर रखे पत्थर पर पड़ गया। पत्थर खिसकने से भानू अचानक नीचे गिर गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि वह 40 से 50 फीट की गहराई पर ही अटक गया। लंबे समय से अनुपयोगी होने और सही तरीके से न ढके होने के कारण ग्रामीणों को इस खुले बोरवेल का अंदाजा नहीं था।

तीन जेसीबी, ऑक्सीजन सप्लाई और 5 घंटे का रेस्क्यू

घटना की जानकारी शाम 6:30 बजे मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी, एसडीएम मनीषा रेशम और एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं:

  • राहत कार्य: 3 जेसीबी मशीनों की मदद से बोरवेल के समानांतर खुदाई शुरू की गई।

  • सुरक्षा उपाय: नन्हे भानू तक पाइप के जरिए लगातार ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया गया, ताकि उसका दम न घुटने पाए।

  • तकनीकी विशेषज्ञ की भूमिका: छुट्टी पर आए एनडीआरएफ के राष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञ सचिन चौधरी ने सोशल मीडिया से खबर मिलने पर मौके पर पहुंचकर ऑपरेशन के अंतिम चरण में अहम तकनीकी मार्गदर्शन दिया।

अस्पताल में मेडिकल जांच, गांव में खुशी का माहौल

रात करीब 11 बजे जैसे ही भानू को सुरक्षित बाहर निकाला गया, परिजनों और ग्रामीणों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। एएसपी प्रियंका रघुवंशी के अनुसार, बच्चा सुरक्षित और बातचीत करने की स्थिति में था, फिर भी एहतियात के तौर पर उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया। सफल रेस्क्यू के बाद बुटोली गांव का तनावपूर्ण माहौल जश्न में बदल गया और ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम की सराहना की।