जगदलपुर | खेल-खेल के दौरान एक दो साल की मासूम बच्ची के मुंह में गई सेफ्टी पिन अचानक उसकी सांस की नली में जा फंसी। गंभीर और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए बच्ची को तुरंत जगदलपुर के शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय लाया गया, जहां के कुशल डॉक्टरों ने दूरबीन पद्धति (ब्रोन्कोस्कोपी) का उपयोग कर सफलतापूर्वक पिन बाहर निकाली और उसकी जान बचा ली।
कैसे हुआ हादसा और डॉक्टरों का सफल ऑपरेशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर के मावलीबेड़ा की रहने वाली दो वर्षीय बालिका मोनिका खेलते समय गलती से एक खुली हुई सेफ्टी पिन मुंह में रख बैठी, जो गले से उतरकर उसकी सांस की नली (ट्रैकिया) में जाकर अटक गई। परिजन घबराई हुई हालत में बच्ची को लेकर फौरन अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल के नाक, कान-गला (ENT) रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत जांच की और दूरबीन की मदद से बिना किसी बड़ी सर्जरी के अत्यंत सावधानीपूर्वक सेफ्टी पिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस जटिल प्रक्रिया में डॉ. हेमंत शर्मा ने पूरा सहयोग किया। इसके अलावा, निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रवि, डॉ. सुचिष्मिता और डॉ. काशी की टीम ने भी इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई, जिससे बच्ची को समय पर जीवनदान मिल सका।
अभिभावकों के लिए विशेष सावधानी की सलाह
इस सफल इलाज के बाद डॉ. सुरजीत सिंह ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहें। बच्चों को सिक्के, सेफ्टी पिन, छोटे खिलौने या खाने-पीने की छोटी वस्तुएं खेलने के लिए बिल्कुल न दें, क्योंकि ऐसी चीजें लापरवाही के चलते बच्चों की सांस की नली में पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकती हैं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि यदि किसी बच्चे को अचानक लगातार खांसी आने लगे या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह लें।

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