August 27, 2026

शरिया कानून पर ट्रंप का बड़ा फैसला, प्रतिबंध लगाने वाले कानून का करेंगे समर्थन

वाशिंगटन | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया है कि वे देश में शरिया कानून पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले किसी भी कानून का पूरा समर्थन करेंगे। उन्होंने अपना यह तर्क दिया कि संयुक्त राज्य अमेरिका में केवल एक ही कानूनी व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

साक्षात्कार के दौरान ट्रंप के तीखे तेवर

यह टिप्पणियां राष्ट्रपति ट्रंप ने रूढ़िवादी प्रसारक ग्लेन बेक के साथ एक इंटरव्यू में कहीं। जब बेक ने उनसे पूछा कि क्या वे अमेरिका में शरिया कानून विरोधी अधिनियम जैसे किसी कानून पर हस्ताक्षर करेंगे या उस पर जोर डालेंगे, तो ट्रंप ने इसके जवाब में दो टूक कहा, "हां, शरिया कानून के बारे में मैं बिल्कुल साफ तौर पर कहूंगा कि यह इस देश के लिए नहीं है। यहां किसी भी तरह का शरिया कानून नहीं चलेगा।" हालांकि, राष्ट्रपति ने यह दावा भी किया कि अमेरिका के कुछ हिस्सों में इस व्यवस्था का पालन किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने न तो उन स्थानों के नाम बताए और न ही अपने इस दावे के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश किया।

यूरोप की राजधानियों और दोहरी व्यवस्था पर चिंता

अमेरिकी कानूनी व्यवस्था के साथ इस्लामिक धार्मिक कानून के प्रभाव का विरोध करते हुए ट्रंप ने यूरोप के कई प्रमुख शहरों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब आप लंदन या पेरिस जैसे शहरों में जाते हैं, तो वहां की जीवनशैली बिल्कुल अलग और विचित्र नजर आती है।

उन्होंने इस बात का भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे पर आम समझ (कॉमन सेंस) के साथ खड़े हैं। ट्रंप ने कहा, "यह विचारधारा से ज्यादा आम समझ का मामला है। अच्छी राजनीति का अर्थ ही व्यावहारिक समझ है, और मैं शरिया कानून पर रोक लगाने की बात पर पूरी तरह कायम रहूंगा।" हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे इसके लिए कोई नया संघीय कानून लाएंगे, कोई कार्यकारी आदेश जारी करेंगे या कांग्रेस के किसी प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में केवल एक ही बेहतरीन कानूनी प्रणाली होनी चाहिए।

महंगाई के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना

साक्षात्कार के दौरान बातचीत को इस्लाम और डेमोक्रेटिक सोशलिस्टों के गठजोड़ से जोड़ते हुए जब बढ़ती महंगाई को लेकर युवा अमेरिकियों के भविष्य पर सवाल पूछा गया, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके लिए सीधे तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन को पिछली सरकार से भारी-भरकम और आसमान छूती हुई महंगाई विरासत में मिली थी, जिसे उनकी नीतियों ने नियंत्रित करने का काम किया है।