वॉशिंगटन| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं, और उनका यह दौरा शुरू से ही काफी चर्चा में बना हुआ है। इस बीच, अमेरिका के एक प्रमुख गैर-लाभकारी हिंदू संगठन 'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' (HAF) ने एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के जरिए संगठन ने अमेरिकी हिंदू समुदाय के लोगों से मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन की चेतावनी और अपील
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन वर्ष 2003 में स्थापित एक गैर-लाभकारी और शैक्षिक संगठन है, जिसका मुख्यालय वाशिंगटन डीसी में स्थित है और यह अमेरिका में रहने वाले हिंदुओं के अधिकारों व हितों की पैरवी करता है।
संगठन ने सोशल मीडिया पर जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि न्यूयॉर्क शहर के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले 'सार्वभौमिक एकता समारोह' से पहले यह सामुदायिक परामर्श एवं सुरक्षा चेतावनी जारी की जा रही है। संगठन ने अपील की है कि लोग सतर्क रहें, अपने आसपास के हालातों से वाकिफ रहें और अपनी शालीनता व संयम बनाए रखें।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि हिंदू अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले कुछ विरोधी तत्वों ने इस कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की है। संगठन ने न्यूयॉर्क के मेयर से आग्रह किया है कि वे कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की गारंटी दें।
यूएससीआईआरएफ के विरोध के बीच आया अलर्ट
यह सुरक्षा चेतावनी ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिकी मानवाधिकार निकाय 'यूएससीआईआरएफ' (USCIRF) ने संघ प्रमुख के इस अमेरिका दौरे का खुलकर विरोध किया है। पाकिस्तानी-मूल के अमेरिकी नागरिक आसिफ महमूद की अध्यक्षता वाले इस निकाय ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए अमेरिका से आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की मांग की थी।
भारत के विदेश मंत्रालय ने खारिज किया विरोध
भारत के विदेश मंत्रालय ने 21 अगस्त को आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में यूएससीआईआरएफ के इस बयान की बेहद कड़े शब्दों में निंदा की और उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि हम सब भली-भांति जानते हैं कि यह एक पक्षपाती संस्था है जो लंबे समय से भारत के खिलाफ भ्रामक और गलत बयान देती रही है। ऐसी एजेंडा-संचालित संस्थाओं को नजरअंदाज किया जाना चाहिए।
न्यूयॉर्क के मेयर की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, न्यूयॉर्क के मेयर ने भी संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस कार्यक्रम पर अपनी आपत्ति जताई थी। जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या आरएसएस की इस रैली को रद्द कर दिया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से इस रैली का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि शहर प्रशासन के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार है या नहीं।

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