वाशिंगटन। अमेरिका के व्योमिंग राज्य में वैज्ञानिकों को लगभग 3.8 करोड़ वर्ष पुराने चार सांपों के दुर्लभ जीवाश्म मिले हैं। इन पुरातात्विक अवशेषों ने प्राचीन काल में सांपों के व्यवहार और उनके जीवन चक्र को समझने की दिशा में एक नई क्रांति ला दी है। गहन शोध और सीटी स्कैन जांच के बाद वैज्ञानिकों ने इसे एक नई प्रजाति घोषित करते हुए 'हाइबरनोफिस ब्रेथॉप्टी' (Hibernophis breithaupti) नाम दिया है।
बाढ़ और ज्वालामुखीय राख में सुरक्षित रहे अवशेष
ये दुर्लभ जीवाश्म अमेरिका की प्रसिद्ध 'व्हाइट रिवर फॉर्मेशन' की चट्टानी परतों से बरामद किए गए हैं, जिनकी अवधि शुरुआती ओलिगोसीन काल की मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन काल में आई किसी छोटी बाढ़ के दौरान जमा हुई बारीक रेतीली मिट्टी, पानी और ज्वालामुखीय राख के अनूठे मिश्रण ने इन कंकालों को करोड़ों वर्षों तक सुरक्षित रखने में प्राकृतिक कवच का काम किया।
सीटी स्कैन से खुला चट्टान के भीतर छिपे तीसरे सांप का राज
खोज की सबसे अनोखी बात तीन सांपों के कंकालों का एक ही भूमिगत बिल जैसी संरचना में एक साथ मिलना है। शुरुआत में चट्टान के ऊपरी हिस्से पर केवल दो कंकाल दिखाई दे रहे थे, लेकिन जब वैज्ञानिकों ने उन्नत सीटी स्कैन तकनीक का सहारा लिया, तो चट्टान के भीतर गहराई में छिपा तीसरा पूरा कंकाल भी सामने आ गया। वहीं, चौथा कंकाल उसी इलाके की दूसरी चट्टानी परत से बरामद हुआ।
ठंड से बचने के लिए 'साझा आश्रय' का सामूहिक व्यवहार
लगभग 40 साल पहले (1986 में) पहली बार इन पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया था कि ये सांप अत्यधिक ठंड से बचने के लिए किसी साझा आश्रय (हाइबरनेकुलम) में एकत्र हुए होंगे। खोपड़ी और रीढ़ की हड्डियों के ताजा अध्ययनों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह प्रजाति अब तक ज्ञात प्राचीन सांपों से बिल्कुल अलग थी। तीन सांपों का एक ही जगह मिलना यह संकेत देता है कि सांपों में सामूहिक रूप से ठंड बिताने का व्यवहार करोड़ों साल पुराना हो सकता है।

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