भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों के भीतर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम के सीलिंग एक्शन के खिलाफ व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। इस कार्रवाई के विरोध में 'भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के आह्वान पर मंगलवार को मिंटो हॉल परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक गरिमामय एवं शांतिपूर्ण प्रार्थना सभा आयोजित की गई। कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के व्यवस्थित विकास के साथ-साथ व्यापारियों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से एक पारदर्शी नीति लागू करनी चाहिए।
गांधी प्रतिमा के समक्ष रामधुन गाकर जताया विरोध
सोमवार को आयोजित भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स की विशेष बैठक में नगर निगम द्वारा जारी सीलिंग नोटिसों से उत्पन्न संकट पर गंभीर मंथन हुआ। इसके बाद व्यापारियों ने उग्र आंदोलन के बजाय बापू के बताए मार्ग पर चलने का निर्णय लिया।
चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल की अगुवाई में मंगलवार सुबह 11 बजे विभिन्न व्यापारिक मंडलों के प्रतिनिधि मिंटो हॉल में एकत्र हुए। कारोबारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने रामधुन का गायन कर प्रतीकात्मक रूप से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाई।
मास्टर प्लान और नीतिगत स्पष्टता की मांग
व्यापारी प्रतिनिधियों का कहना है कि वे नियम-कानून और शहर के सौंदर्यीकरण के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन वर्षों पुराने स्थापित प्रतिष्ठानों को अचानक बंद करना उचित नहीं है।
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मास्टर प्लान का विलंब: व्यापारियों के अनुसार यदि भोपाल का मास्टर प्लान समय पर अधिसूचित किया गया होता, तो आज हजारों दुकानदारों को इस अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ता।
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मिक्स्ड लैंड यूज (मिश्रित भूमि उपयोग): व्यावसायिक एवं आवासीय सीमाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता न होने का खामियाजा कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।
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स्थायी समाधान: चैंबर ने मांग उठाई है कि सरकार एक ऐसी व्यावहारिक नीति बनाए, जिससे शहर का सुनियोजित विकास भी होता रहे और स्थानीय रोजगार पर भी आंच न आए।
शहर भर में बढ़ता जनआक्रोश और प्रशासनिक सख्ती
सीलिंग की कार्रवाई को लेकर पिछले कुछ दिनों से शहर के अलग-अलग हिस्सों में असंतोष पनप रहा है। रोशनपुरा चौराहे पर हुए प्रदर्शन के बाद बाग सेवनिया, अवधपुरी, 10 नंबर मार्केट और आनंद नगर जैसे क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया था।
दूसरी ओर, कई रहवासी संघ आवासीय इलाकों में व्यावसायिक अतिक्रमण के खिलाफ कड़े नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच नगर निगम का अमला मुख्य मार्गों, कैचमेंट एरिया, बफर जोन और हरित पट्टियों (ग्रीन बेल्ट) में बने अवैध निर्माणों का सर्वेक्षण और सीलिंग अभियान जारी रखे हुए है।

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