August 21, 2026

सफाईकर्मियों के प्रदर्शन में हंगामा, विधायक राजेश जून से हुई तीखी नोकझोंक

बहादुरगढ़ बहादुरगढ़ में सफाईकर्मियों की चल रही हड़ताल के दौरान एक तीखा और अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला, जब निर्दलीय विधायक राजेश जून हड़ताली सफाईकर्मियों के बीच जा पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच जोरदार गहमागहमी हो गई। इस दौरान विधायक ने सफाईकर्मियों के जिला प्रधान राजेन्द्र से माइक छीन लिया और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई।

विधायक का गुस्सा और कड़ा रुख

सफाईकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के बीच विधायक राजेश जून ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि उनकी लगातार हड़ताल के कारण बहादुरगढ़ के स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। विधायक ने जिला प्रधान राजेन्द्र को संबोधित करते हुए कहा कि वे वाल्मीकि समाज के ठेकेदार न बनें, क्योंकि इस लंबी हड़ताल से पूरे समाज और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने दो-ूक शब्दों में कहा कि यदि सफाईकर्मी काम नहीं करना चाहते हैं, तो वे अपनी नौकरी छोड़ सकते हैं। विधायक ने सवाल उठाया कि जब पिछले 16 दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है और जनता परेशान हो रही है, तो वे लगातार काम क्यों रोक रहे हैं। इस दौरान विधायक महिला सफाईकर्मियों से भी उलझते हुए नजर आए।

सफाईकर्मियों का विरोध और आगे की स्थिति

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सफाईकर्मी विधायक के दफ्तर का घेराव करने पहुंचे थे और वहां थाली व प्लेट बजाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। हालांकि, विधायक के कड़े तेवर और गुस्से को देखते हुए सफाईकर्मी बिना कोई ज्ञापन सौंपे ही वहां से लौट गए। सफाईकर्मियों का कहना था कि विधायक उन्हें वहां से भगा रहे हैं, इसलिए वे खुद ही जा रहे हैं।

स्थिति स्पष्ट करते हुए विधायक राजेश जून ने बताया कि उनके 22 महीने के छोटे से कार्यकाल में सफाईकर्मी अब तक 6 बार हड़ताल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों के एक नेता ने उनसे यह तक कहा था कि वे सरकार की भाषा न बोलें। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे बार-बार होने वाली इस हड़ताल का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन पिछले विधानसभा सत्र में भी उन्होंने सफाईकर्मियों की आवाज उठाई थी और इस बार भी सदन में उनकी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी माना कि सरकार को सफाईकर्मियों की जायज मांगें माननी चाहिए, लेकिन साथ ही सफाईकर्मियों को भी यह समझना चाहिए कि इससे शहर की सफाई व्यवस्था और आम नागरिकों का जीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए।