August 21, 2026

चमोली हादसे में छत्तीसगढ़ के चार श्रमिकों की गई जान, मुख्यमंत्री साय ने की आर्थिक सहायता की घोषणा

रायपुर: उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग के भीतर हुए भीषण हादसे में छत्तीसगढ़ के चार मजदूरों की भी दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुखद घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, जबकि कोंडागांव के दो घायल मजदूरों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

कोंडागांव जिले के चार मजदूरों ने गंवाई जान

मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मजदूर छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के रहने वाले थे। इनमें ग्राम धनसुली के दो, मदनार का एक और दहीकोंगा का एक मजदूर शामिल है। इसके अलावा जिले के दो अन्य मजदूर घायल भी हुए हैं। चारों मृत मजदूरों के पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव कोंडागांव लाए गए, तो परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अपनों को इस तरह अचानक खोने के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोककुल परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

कब और कैसे हुआ चमोली हादसा?

  • उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी (THDC) की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में 13 अगस्त 2026 को अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा भर गया था।

  • जिस समय यह दुर्घटना घटी, उस वक्त सुरंग के अंदर कुल 22 मजदूर काम कर रहे थे।

  • हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

  • इस भीषण हादसे में अब तक कुल 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार श्रमिक भी शामिल हैं, जबकि दो घायल मजदूरों का उपचार जारी है।