मंदसौर: मंदसौर जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति और विभिन्न आपराधिक मामलों पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा हेतु रतलाम रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) निमिष अग्रवाल ने थाना प्रभारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली। स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी थानों के प्रभारी और राजपत्रित पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
यह समीक्षा बैठक दोपहर से शुरू होकर देर शाम तक चली, जिसमें चोरी, नकबजनी, लूट, एनडीपीएस (NDPS) से जुड़े मामले, फरार आरोपियों और वारंटियों की तामील की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान कुछ थानों में जरूरी कार्रवाई में ढिलाई और मामले लंबित मिलने पर डीआईजी ने संबंधित थाना प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई।
एनडीपीएस मामलों में सख्ती के निर्देश
बैठक के दौरान डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने, मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने और अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए। जिन थाना क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से एनडीपीएस के तहत कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी, उस पर डीआईजी ने गहरी नाराजगी जताई। विशेष रूप से सुवासरा और भावगढ़ सहित कुछ अन्य थानों में मादक पदार्थों के खिलाफ सुस्त कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदसौर जिला एनडीपीएस के लिहाज से एक संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के कड़े निर्देश दिए गए।
लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के आदेश
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ थानों में वर्ष 2015 से 2017 तक के पुराने अपराध भी लंबित पड़े हैं। ऐसे मामलों के जल्द से जल्द निपटारे के लिए डीआईजी ने एसडीओपी (SDOP) और थाना प्रभारियों की विशेष टीमें बनाकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
चोरी, लूट और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर चर्चा
बैठक में संपत्ति संबंधी अपराधों जैसे चोरी, लूट और नकबजनी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के समयसीमा (Time Limit) के भीतर संतुष्टिपूर्ण समाधान और गंभीर अपराधों की विवेचना में तेजी लाने पर जोर दिया गया। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध शराब की बिक्री, महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों तथा अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने को कहा गया।
समीक्षा बैठक के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले थाना प्रभारियों की सराहना भी की गई। डीआईजी ने कहा कि पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह मूल्यांकन जरूरी है कि कौन सा थाना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और कहाँ सुधार की गुंजाइश है। जिन क्षेत्रों में एनडीपीएस और अन्य मामलों में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें चेतावनी देकर कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।

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