August 20, 2026

चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर विवाद, PMO में शिकायत

भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क स्थित 'चीता प्रोजेक्ट' के डायरेक्टर एवं आईएफएस अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आईएफएस अफसर ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर वनकर्मियों को सतर्क करते हुए "दिमागी नक्सल" शब्द का प्रयोग किया है, जिसके बाद वे वन्यजीव कार्यकर्ताओं (वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट्स) के सीधे निशाने पर आ गए हैं।

तेंदुए के शिकार से जुड़ी खबर के बाद दी थी सलाह

मामला कूनो नेशनल पार्क में तेंदुए के शिकार और उसकी खाल की तस्करी से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट के बाद सामने आया। इस रिपोर्ट में वन्यजीवों के लिए काम करने वाली एक गैर-सरकारी संस्था (NGO) का नाम सामने आने के बाद चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने अखबार की कटिंग शेयर करते हुए वनकर्मियों के लिए अलर्ट जारी किया था। उन्होंने लिखा कि वनकर्मी बाहरी लोगों और खुद को एक्टिविस्ट बताने वाले संगठनों के साथ जानवरों की लोकेशन या संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

"हर जगह दिमागी नक्सली मौजूद हैं"

आईएफएस अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि वन्यजीवों की मदद करने का दावा करने वाले हर व्यक्ति के मकसद सही हों, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने लिखा, "हर जगह दिमागी नक्सली मौजूद हैं और हमें इन्हीं से निपटना है, इसलिए सतर्क रहें।" गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस शब्द का इस्तेमाल किया था।

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने पीएमओ और NTCA से की शिकायत

इस बयान के सामने आते ही प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने आईएफएस अफसर पर पलटवार किया। अजय दुबे ने आरोप लगाया कि कूनो में तेंदुए का शिकार रोकने में विफल रहने के बाद अधिकारी सर्विस रूल्स का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने पन्ना टाइगर रिजर्व के पुराने मामलों का हवाला देते हुए अधिकारी पर आरटीआई नियमों के उल्लंघन और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया। दुबे ने इस पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से करते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अधिकारी अपने बयान पर कायम

विवाद और शिकायतों के बावजूद आईएफएस उत्तम कुमार शर्मा ने अपना पोस्ट नहीं हटाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने जो लिखा है, उसका वही अर्थ है और वे इस विषय पर आगे कोई अन्य टिप्पणी नहीं करना चाहते।