जयपुर (राजस्थान): भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित की गई नई केंद्रीय कार्यकारिणी में राजस्थान के चार प्रमुख और वरिष्ठ नेताओं को शीर्ष संगठनात्मक पदों पर नवाजा गया है। पार्टी के इस बड़े और रणनीतिक ऐलान के बाद राजधानी जयपुर समेत उदयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर सहित पूरे प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह और जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है।
इस नई केंद्रीय टीम में राजस्थान के चार दिग्गज चेहरों को अहम भूमिकाएं सौंपी गई हैं:
-
डॉ. मन्नालाल रावत (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एसटी मोर्चा): उदयपुर लोकसभा सीट से सांसद डॉ. मन्नालाल रावत को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी के 'अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष' नियुक्त किया है।
-
वसुंधरा राजे (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रह चुकीं और पार्टी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे को एक बार फिर 'राष्ट्रीय उपाध्यक्ष' के पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
-
डॉ. सतीश पूनिया (राष्ट्रीय महामंत्री): राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांगठनिक रणनीतिकार के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुके डॉ. सतीश पूनिया को पार्टी का 'राष्ट्रीय महामंत्री' जैसा अत्यंत प्रभावशाली पद सौंपा गया है।
-
राजेश मंगल (राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष): संगठन और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में लंबे समय से समर्पित भाव से सक्रिय रहने वाले वरिष्ठ नेता राजेश मंगल को 'राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत का प्रेरणादायक राजनीतिक और शैक्षणिक सफर
उदयपुर लोकसभा सीट से सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने पिछले आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 लाख 61 हजार 608 मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी। उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी और उदयपुर के पूर्व जिला कलेक्टर तथा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ताराचंद मीना से हुआ था, जिन्हें इस चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा था।
-
संस्कृत में शपथ लेकर चौंकाया: नवनिर्वाचित सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने संसद भवन में अपनी शपथ संस्कृत भाषा में लेकर सभी को चौंका दिया था। वे राजस्थान के पहले ऐसे आदिवासी सांसद हैं जिन्होंने लोकसभा में संस्कृत में शपथ ली है।
-
सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में प्रवेश: राजनीति में आने से पूर्व डॉ. मन्नालाल रावत राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग में एडिशनल कमिश्नर (जयपुर) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब भाजपा ने उन्हें उदयपुर सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से समय पर स्वैच्छिक इस्तीफा दे दिया था।
-
साधारण परिवार से शिक्षा का सफर: दक्षिणी राजस्थान के धरियावद क्षेत्र के चिकलाड़ गांव के एक बेहद साधारण कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले मन्नालाल रावत ने विपरीत परिस्थितियों और संघर्षों के बीच अपनी कड़ी मेहनत व योग्यता के बल पर बीएससी, एमए और उच्च शिक्षा के रूप में पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री हासिल की है।
नियुक्तियों के राजनीतिक मायने और कार्यकर्ताओं में जश्न
पार्टी द्वारा राजस्थान के इन चारों नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपे जाने के बाद से ही जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय और उदयपुर में कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर व मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नई कार्यकारिणी के जरिए भाजपा ने एक तरफ जहां सांगठनिक संतुलन को और अधिक मजबूत किया है, वहीं आदिवासी नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर प्रखरता प्रदान की है।

More Stories
बच्चों की सुरक्षा और निजता हमारी प्राथमिकता, स्कूल प्रवेश को लेकर मदन दिलावर ने साफ की स्थिति
भाजपा की नई टीम में राजस्थान को खास तवज्जो, वसुंधरा राजे-सतीश पूनिया को अहम जिम्मेदारी
विकास कार्यों का मेघवाल ने किया लोकार्पण, जनता को मिली बड़ी सौगात