गॉल: श्रीलंका के ऐतिहासिक शहर गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच में शिकंजा कस लिया है, परंतु मौसम की बेरुखी और लगातार होती बारिश अब टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चिंता का सबब बन गई है। भारत ने अपनी पहली पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 462 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है, लेकिन मैच के दौरान बारिश की वजह से जितना कीमती समय बर्बाद हुआ है, उसे देखते हुए इस रोमांचक मुकाबले का कोई निर्णायक परिणाम निकलना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है।
भारतीय टीम ने मैच के तीसरे दिन 9 विकेट पर 460 रन से अपनी आगे की पारी की शुरुआत की, लेकिन स्कोर में केवल दो रन का इजाफा करते हुए ही उसका अंतिम विकेट भी गिर गया। इससे पहले शुरुआती दो दिनों तक बारिश ने खेल में भारी बाधा पहुंचाई थी। विशेषकर दूसरे दिन का खेल तो और भी अधिक प्रभावित हुआ, जब तमाम बाधाओं के बाद दोपहर 2:35 बजे ही मैच दोबारा शुरू हो सका और पूरे दिन में मात्र 43 ओवर का खेल ही संभव हो पाया। भारत ने अपने पहले दिन के 288/2 के स्कोर में 172 रन और जोड़े, लेकिन इस दौरान उसके सात महत्वपूर्ण बल्लेबाज भी पवेलियन लौट गए।
देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक, 167 रन पर थमी मैराथन पारी
भारतीय टीम की पहली पारी का सबसे बड़ा आकर्षण युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की बेहतरीन और संयम से भरी 167 रनों की शानदार पारी रही। उन्होंने बेहद विपरीत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गजब का धैर्य दिखाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर मुकाबला किया और भारत को एक सुरक्षित एवं बड़े स्कोर तक पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। उनके अलावा अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने 82 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि युवा विकेटकीपर-ध्रुव जुरेल ने भी 51 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी अंत में कुछ रन जोड़कर भारत को 450 के आंकड़े के पार पहुंचाने में मदद की।
दूसरी ओर, श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों ने मैच के दूसरे दिन मुकाबले में वापसी करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। अनुभवी प्रभात जयसूर्या ने चार विकेट झटके, जबकि अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू कर रहे युवा केशारा नुवांथा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। नुवांथा ने नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए ऋषभ पंत और केएल राहुल को जल्दी-जल्दी आउट करके भारत की रन गति पर तगड़ा ब्रेक लगाया था। इन सबके बावजूद भारतीय टीम दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 460/9 का मजबूत स्कोर बोर्ड पर टांगने में सफल रही।
पिच टूटने पर स्पिनरों को मिल सकती है मदद
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, गॉल की यह पिच और अधिक पुरानी होगी तथा इसके टूटने की पूरी संभावना है। ऐसी स्थिति में भारतीय टीम के पास दुनिया के उम्दा स्पिन गेंदबाज मौजूद हैं, जिन्हें श्रीलंकाई बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करने में भारी मदद मिल सकती है। भारत के लिए इस समय सबसे आदर्श स्थिति यही होगी कि वह जल्द से जल्द श्रीलंका की पहली पारी को समेटे, जिसके बाद पहली पारी की बढ़त के आधार पर बड़ी लीड हासिल करे और दूसरी पारी में तेजी से रन बनाकर मेजबान टीम को एक बड़ा लक्ष्य दे, ताकि वे दबाव में आ जाएं। हालांकि, इन सबके बीच सबसे बड़ी पहेली 'समय' की है।
सोमवार को भी बारिश बनेगी मैच में बड़ी रुकावट
मौसम विभाग और वेदर पूर्वानुमान (AccuWeather) के अनुसार, गॉल में सोमवार को भी बारिश होने की आशंका 83 प्रतिशत तक बनी हुई है। घंटे-दर-घंटे के मौसम के आंकड़े देखें तो बारिश का खतरा लगातार मंडरा रहा है। भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे बारिश की संभावना 47 प्रतिशत, दोपहर 12 बजे 44 प्रतिशत, 1 बजे 48 प्रतिशत और दोपहर 2 बजे तक 52 प्रतिशत आंकी गई है। इसके बाद दोपहर 3 बजे (45%), 4 बजे (39%) और 5 बजे (34%) थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन शाम होते-होते यानी 6 बजे एक बार फिर बारिश की आशंका बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाती है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अगर लगातार झमाझम बारिश न भी हो, तो भी रुक-रुककर होने वाली बौछारें मैच के लिए उपलब्ध ओवरों की संख्या को तेजी से घटा देंगी, और यही बात भारत की जीत की उम्मीदों के आड़े आ रही है।
बड़े स्कोर का तभी फायदा, जब मैदान पर मिले पूरा समय
भारतीय टीम ने पहली पारी में लगभग वह तमाम लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, जिसकी कप्तान और कोच को उम्मीद थी। 462 रनों का स्कोर इस मैदान पर बेहद मजबूत स्थिति प्रदान करता है। परंतु टेस्ट क्रिकेट के लंबे प्रारूप में केवल बड़ा स्कोर बना देना ही पर्याप्त नहीं होता; विपक्षी टीम को दो बार ऑल-आउट करने और मैच जीतने के लिए पर्याप्त समय (ओवर) की भी आवश्यकता होती है। यही वजह है कि बारिश अब भारत के लिए केवल मौसम खराब होने की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह मैच का नतीजा न निकलने का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। यदि बारिश का दौर यूं ही जारी रहा और भारत को श्रीलंका को आउट करने के लिए जरूरी समय नहीं मिला, तो इतनी मजबूत स्थिति में होने के बावजूद यह मुकाबला अंततः ड्रॉ की भेंट चढ़ सकता है।
मुकाबले के ड्रॉ होने से WTC के समीकरणों को लगेगा तगड़ा झटका
गाले टेस्ट मैच का यह परिणाम वर्तमान विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंक तालिका और भारत की फाइनल की संभावनाओं के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है। इस सीरीज में उतरने से पहले भारतीय टीम का पॉइंट्स परसेंटेज (PCT) 48.15 था और वह तालिका में पांचवें पायदान पर थी। हाल ही में बांग्लादेश द्वारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दर्ज की गई ऐतिहासिक जीत के बाद डब्ल्यूटीसी के समीकरण पूरी तरह से बदल चुके हैं और अब मुकाबला और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
इस मौजूदा डब्ल्यूटीसी चक्र के अंतर्गत खेली जाने वाली दो मैचों की प्रत्येक टेस्ट सीरीज के हर एक मुकाबले में कुल 60 अंक दांव पर होते हैं। ऐसे में यदि मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त होता है, तो भारत को केवल 20 अंक ही मिल पाएंगे, जो उस मैच में उपलब्ध कुल अंकों का महज 33.33 प्रतिशत हिस्सा होगा, जबकि एक पूरी जीत टीम को पूरे 60 अंक दिलाती है।
वर्तमान में WTC तालिका की स्थिति
बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के बाद आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की ताजा अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 77.78 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर काबिज है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और न्यूज़ीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। शानदार प्रदर्शन करने वाली बांग्लादेशी टीम 66.67 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर पहुंच गई है। भारतीय टीम 48.15 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका 41.67 प्रतिशत के साथ छठे पायदान पर खिसक गया है। इसके बाद इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज की टीमें आती हैं। भारत के लिए इस चक्र में प्रत्येक मैच के अंक बेहद कीमती हैं, ऐसे में गॉल में बारिश के कारण मैच ड्रॉ होना टीम इंडिया के लिए भारी नुकसान का सौदा साबित हो सकता है।
मौसम से दो-दो हाथ करने को मजबूर हुई टीम इंडिया
भारतीय बल्लेबाजों ने 462 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करके अपनी स्थिति पूरी तरह मजबूत कर ली है। पिच के खराब होने और दरारें पड़ने से भारतीय स्पिनरों को भी इसका भरपूर फायदा मिलने की पूरी उम्मीद है। परंतु इन सबका पूरा लाभ उठाने के लिए मैदान पर सुचारू रूप से खेल का समय मिलना अनिवार्य है। अब गाले टेस्ट के इस रोमांचक मोड़ पर भारत के असली प्रतिद्वंद्वी श्रीलंकाई खिलाड़ी नहीं, बल्कि आसमान में छाए काले बादल और लगातार बरसती बारिश है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए भारत को इस मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, जिसके लिए सोमवार के दिन मौसम का मेहरबान होना सबसे ज्यादा जरूरी है।

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