जकार्ता: फिलीपींस के बाद अब इंडोनेशिया में भूकंप का विकराल रूप देखने को मिला है। शनिवार सुबह जब लोग नींद में थे, तब इंडोनेशिया के फ्लोर्स द्वीप के पास जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए।
झटके इतने शक्तिशाली थे कि इमारतें ढहने लगीं और दहशत में लोग सड़कों पर भागने लगे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम 38 लोगों की जान जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई दूर-दराज के इलाकों में बचाव दल अभी तक पहुंच नहीं पाए हैं।
नागेकेओ और एंडे जिले में सबसे ज्यादा मुश्किल
इस भूकंप का केंद्र एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था, जो नागेकेओ रेजेंसी के सबसे नजदीक है। इस क्षेत्र में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। स्थानीय पुलिस प्रमुख ने बताया कि कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं और शहरों तथा गांवों में बिजली गुल होने के कारण खबरों के आदान-प्रदान में देरी हो रही है, जिससे राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है।
कब और कितनी तीव्रता से आया भूकंप?
स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई, जिसकी गहराई महज 10 किलोमीटर थी। इसके आधे घंटे के भीतर 5.9, 5.6 और 6.1 तीव्रता के तीन और तेज झटके आए, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई।
सुनामी का खतरा और राहत कार्य
इस बीच, मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी थी और लोगों को समुद्र व नदी किनारों से दूर ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया। हालांकि बाद में यह चेतावनी हटा ली गई, लेकिन लोग अब भी डर के साए में हैं।
नागेकेओ में करीब दो हजार लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। कई घर, गोदाम और सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बिजली और सड़कों की बदहाली के बीच स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें युद्धस्तर पर स्थिति को संभालने में जुटी हैं।

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