नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने मुख्य संबोधन की समाप्ति के बाद जब प्रधानमंत्री स्कूली बच्चों से मिलने पहुंचे, तो वहां एक ऐसा बेहद भावुक और प्यारा क्षण आया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
बच्चों से मिलते समय का वह भावुक और यादगार पल
लाल किले की प्राचीर से अपना राष्ट्रीय संबोधन पूरा करने के बाद, जैसे ही प्रधानमंत्री आगे बढ़े, तो सफेद, हरे और केसरिया रंग के पारंपरिक वस्त्रों में सजे स्कूली बच्चों का एक समूह दौड़ते हुए उनकी ओर आया। प्रधानमंत्री बच्चों से मिलने के लिए रुके और कई बच्चों के साथ आत्मीयता से हाथ मिलाया। इसी दौरान जब एक छोटी बच्ची ने सम्मानस्वरूप उनके पैर छुए, तो उसके सिर से उसकी टोपी नीचे गिर गई। यह देखकर प्रधानमंत्री ने तुरंत स्नेह दिखाते हुए खुद वह टोपी उठाई और प्यार से बच्ची के सिर पर वापस पहना दी। स्वतंत्रता दिवस के इस भव्य समारोह के अंत में यह एक बेहद भावुक और यादगार तस्वीर बन गई।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश को संबोधित किया था। अपने ओजस्वी भाषण के दौरान उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को एक 'विकसित राष्ट्र' बनाने के अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण को देश के सामने रखा।
क्यों खास रहा इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह?
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह इसलिए भी ऐतिहासिक और विशेष रहा क्योंकि देश राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। यह पहला अवसर था जब लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की भव्य प्रस्तुति दी गई। प्रधानमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए 'वंदे मातरम्' की ऊर्जा और भावना को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की महा-यात्रा से जोड़ा।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एक आत्मनिर्भर और उन्नत भारत के निर्माण के लिए देश के सभी नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' का यह महान सपना देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है।
भारत की तेज प्रगति और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने देश की तेज रफ्तार का जिक्र करते हुए डिजिटल कनेक्टिविटी, डिजिटल पेमेंट, गैस पाइपलाइन विस्तार, रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) और रेलवे के पूर्ण विद्युतीकरण में भारत द्वारा हासिल की गई अभूतपूर्व सफलताओं को गिनाया। उन्होंने कहा कि यह तमाम उपलब्धियां देश के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती हैं।
उन्होंने 'मेक इन इंडिया' की ताकत को रेखांकित करते हुए देश को अधिक से अधिक आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों), ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक डेटा सेंटर्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को देश की अनिवार्य जरूरत बताया।
ऊर्जा के मोर्चे पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का बड़ा लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने देश में सौर ऊर्जा की क्षमता को तेजी से बढ़ाने पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने देश भर में बुनियादी ढांचे (इफ्रास्ट्रक्चर) और कनेक्टिविटी में आए क्रांतिकारी बदलावों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
विकास के सात नए स्तंभ: 'सप्तधारा'
प्रधानमंत्री के भाषण का एक प्रमुख हिस्सा देश में अगली पीढ़ी के सुधारों पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि आज भारत 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। देश के विकास के अगले चरण को गति देने के लिए उन्होंने सात प्रमुख क्षेत्रों का जिक्र किया, जिन्हें 'सप्तधारा' नाम दिया गया है:
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विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को मजबूत करना और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की स्थिति को सर्वोपरि बनाना।
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कृषि, खाद्य उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में क्रांतिकारी सुधार करना।
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अत्याधुनिक तकनीक और इनोवेशन (नवाचार) को बढ़ावा देना।
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'पीएम गति शक्ति' जैसी योजनाओं के माध्यम से तेज, बेहतर और आसान कनेक्टिविटी का विस्तार करना।
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देश की रक्षा क्षमताओं (डिफेंस स्ट्रेंथ) को और अधिक शक्तिशाली बनाना।
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हरित अर्थव्यवस्था (ग्रीन इकोनॉमी) और नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकोनॉमी) का संतुलित विकास करना।
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योग, आध्यात्मिक केंद्रों, पर्यटन, समग्र स्वास्थ्य सेवाओं और मनोरंजन जगत के माध्यम से भारत की 'सॉफ्ट पावर' को दुनिया भर में बढ़ाना।
युवाओं के लिए बड़े ऐलान और एआई स्किल ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को 'विकसित भारत' का सबसे बड़ा लाभार्थी और देश की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश में नवाचार और अनुसंधान के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा फंड आवंटित किया गया है। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी योजनाएं आज देश के युवाओं के लिए नए सुनहरे अवसर पैदा कर रही हैं।
पीएम मोदी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार आगामी एक वर्ष के भीतर देश के एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने का भी एलान किया गया।
खेल प्रतिभाओं की खोज और राष्ट्रीय सुरक्षा
खेल जगत पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश के 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत की भागीदारी और पदक जीतने की क्षमता को अधिकतम किया जा सके।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को नक्सलवाद और माओवाद के खतरे से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया जा चुका है। इसके साथ ही देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 'सिविल डिफेंस' (नागरिक सुरक्षा) का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
नारी शक्ति और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को प्रभावी ढंग से लागू करने में पूर्ण सहयोग देने की अपील की। उन्होंने राजनीति और नीति निर्माण में महिलाओं की पर्याप्त और सशक्त हिस्सेदारी को अत्यंत आवश्यक बताया।
इससे पहले, लाल किले के प्रांगण में पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। इसके बाद थल सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के संयुक्त जवानों की टुकड़ी ने प्रधानमंत्री को भव्य 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया।
लाल किले की प्राचीर पर पहुंचकर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण के अवसर पर 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के जवानों ने स्वदेशी 105 मिलीमीटर लाइट फील्ड गन की मदद से 21 तोपों की गूंजती हुई सलामी दी, जिसका समन्वय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ अत्यंत सटीक तरीके से किया गया। इस भव्य समारोह के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लाल किले से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित करने का एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया। अपने इस स्वतंत्रता दिवस संदेश के अंत में उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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