नई दिल्ली: भारत के दिग्गज पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने हाल ही में अपने क्रिकेट सफर, निजी जिंदगी और खेल के प्रति अपने समर्पण को लेकर खुलकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। मैदान पर बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में उलझाने वाले 'भज्जी' ने बताया कि यदि उनके जीवन पर कभी कोई बॉलीवुड फिल्म बनती है, तो वह उसमें अपनी भूमिका अभिनेता विक्की कौशल को निभाते देखना पसंद करेंगे।
बायोपिक और खेल को कुछ वापस लौटने की इच्छा
अपनी जिंदगी पर बनने वाली इस संभावित फिल्म का नाम हरभजन ने 'जज्बा' रखने की इच्छा जताई है। उन्होंने विक्की कौशल को चुनने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि दोनों की जड़ें पंजाब से जुड़ी हैं और विक्की होशियारपुर से ताल्लुक रखने के साथ-साथ एक बेहद मंजे हुए कलाकार भी हैं। इसके अलावा, राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद हरभजन ने साफ किया कि उनके लिए खेल हमेशा पहली प्राथमिकता रहेगा। उन्होंने इच्छा जताई कि यदि भविष्य में उन्हें बीसीसीआई अध्यक्ष, चयनकर्ता या मुख्य कोच जैसी किसी भी भूमिका में भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका मिलता है, तो वह इसे अपना सौभाग्य मानेंगे क्योंकि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और वह खेल को वापस कुछ लौटाना चाहते हैं।
राजनीति, 2003 विश्व कप का मलाल और घरेलू जिंदगी
राजनीति में अपनी सक्रियता पर बात करते हुए हरभजन ने स्पष्ट किया कि वह पारंपरिक अर्थों में कोई राजनेता नहीं हैं, बल्कि एक खिलाड़ी हैं जो इस मंच का इस्तेमाल देश में खेल और एथलीटों के विकास के लिए करना चाहते हैं। अपने खेल करियर के सबसे बड़े मलाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अपने जीवन का कोई एक मुकाबला दोबारा खेलने का मौका मिले, तो वह साल 2003 के वनडे विश्व कप का फाइनल होगा, जिसमें भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने मजेदार अंदाज में माना कि मैदान पर बड़े-बड़े धुरंधरों को चित करने वाले हरभजन अपनी पत्नी के सामने बहस में अक्सर हार जाते हैं, लेकिन उनका मानना है कि रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए कई बार हार मान लेना ही समझदारी होती है।

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