August 13, 2026

MP में निवेश का बढ़ा भरोसा, अहमदाबाद संवाद में 8,635 करोड़ के प्रस्ताव; GIS के लिए सीएम ने किया आमंत्रित

भोपाल| गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित भव्य 'मेगा निवेश संवाद' कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश को विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 8,635 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन नए निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से राज्य के युवाओं के लिए 5,785 से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होने की पूरी संभावना है। इस महत्वपूर्ण निवेश संवाद में गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों—अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा—से आए 500 से अधिक नामचीन उद्योगपति, दिग्गज निवेशक और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को किया संबोधित

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में व्यापार करने, नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा व्यवसायों के विस्तार के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सुविधा, सुरक्षा और पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने गुजरात के संपूर्ण उद्योग जगत को आगामी वर्ष 2027 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित होने वाले 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) में शामिल होने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया।

मध्य प्रदेश में निवेश अनुकूल अवसरों की दी विस्तृत जानकारी

अहमदाबाद के इस निवेश संवाद मंच से सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों को बिजली, पानी और भूमि जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार द्वारा औद्योगिक भूमि बेहद रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रदेश के पास पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली की उपलब्धता है, जबकि आधुनिक 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल जोन भी तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 19 हजार एकड़ के कुल क्षेत्रफल में 48 नए अत्याधुनिक इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, निवेशकों की सुविधा के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' लागू किया गया है, जिसके जरिए विभिन्न विभागों से जुड़ी अनुमतियां और प्रक्रियाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुगमता से मिल जाती हैं।

गुजरात और मध्य प्रदेश के सहयोग से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच आपसी औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि एक तरफ जहां गुजरात के पास उन्नत तकनीक, व्यापारिक दक्षता और औद्योगिक अनुभव है, वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के पास प्रचुर मात्रा में भूमि (लैंड बैंक), जल संसाधन और देश के ठीक मध्य में स्थित होने का रणनीतिक लॉजिस्टिक्स लाभ प्राप्त है। इन दोनों पड़ोसी राज्यों की विशिष्ट खूबियों के मेल से देश के औद्योगिक विकास को एक नई और ऊर्जावान गति दी जा सकती है।

उन्होंने विशेष रूप से गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन (केमिकल्स), टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर के उद्योगों को मध्य प्रदेश में मौजूद शानदार संभावनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने बीना की प्रमुख पेट्रोकेमिकल परियोजना, उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क, धार जिले के पीएम मित्र पार्क (PM Mitra Park) और पीथमपुर के स्थापित ऑटोमोबाइल हब को भविष्य के निवेश की दृष्टि से सबसे बेहतरीन अवसर बताया।

साढ़े तीन साल में मिले 34 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान मध्य प्रदेश को विभिन्न सेक्टरों में कुल मिलाकर 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्तावों पर काम शुरू भी हो चुका है। राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी), पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज और बायोमास जैसी आधुनिक नीतियों के जरिए लगातार नए निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।

सीएम ने अंत में गुजरात के सभी उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे मध्य प्रदेश में बेझिझक होकर निवेश करें और राज्य की इस तेज विकास यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।