मोहाली: पंजाब के मोहाली जिले से बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़ा एक बेहद गंभीर और कड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने दो नाबालिग मासूम बच्चियों का यौन शोषण करने, उनकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो तैयार करने तथा जान से मारने की धमकी देकर उन्हें चुप रहने के लिए विवश करने वाले एक दरिंदे को कुल 40 साल की लंबी सजा सुनाई है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद आरोपी को ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा।
पॉक्सो एक्ट के तहत अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला
अतिरिक्त जिला एवं विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मामले की सभी गवाहियों और सबूतों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी देव राज मौर्य को पॉक्सो एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में पूरी तरह दोषी करार दिया। अदालत ने उसे इन संगीन अपराधों के लिए कुल चालीस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर एक लाख दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
दोनों मामलों में अलग-अलग बीस-बीस साल की सजा
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि पाॅक्सो एक्ट की धारा-6 के अंतर्गत दोनों मामलों में बीस-बीस वर्ष की जेल की सजा भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, पहले मामले में आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा तय की गई है। सभी सजाएं कानून के दायरे में तय की गई हैं।
डरा-धमकाकर लंबे समय तक करता रहा कुकर्म
जांच के दौरान यह खौफनाक बात सामने आई थी कि आरोपी ने अपनी नापाक हरकतों को छिपाने के लिए मासूम बच्चियों को लगातार जान से मारने की धमकियां दी थीं। वह बच्चों के वीडियो और फोटो वायरल करने का डर दिखाकर उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा। अदालत ने इस अमानवीय कृत्य और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह की नरमी बरतने से इनकार कर दिया और इस कठोर सजा के जरिए समाज में एक कड़ा संदेश दिया है।

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