CJI सूर्यकांत का इंदौर में स्वागत, दो दिन चलेगा न्यायिक मंथन; CM मोहन यादव भी रहेंगे मौजूद

इंदौर| मध्य प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर में 8 और 9 अगस्त को न्यायिक क्षेत्र से जुड़ा एक बहुत बड़ा और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन शुरू हो चुका है। शहर के प्रसिद्ध ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने जा रही इस 'वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस' (पश्चिम क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन) में देश के न्यायिक जगत के कई दिग्गज और शीर्ष चेहरे एक मंच पर जुटे हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार की रात ही विमान से इंदौर पहुँच चुके हैं, जहाँ एयरपोर्ट पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन का मुख्य केंद्रबिन्दु आम नागरिकों को सुलभ और त्वरित न्याय दिलाना तथा विधिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी व जन-सुलभ बनाना है।

यह गरिमामयी सम्मेलन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन देश के मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस सूर्यकांत द्वारा किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के पहले दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से शामिल हुए।

जानिए, सम्मेलन में कौन-कौन से दिग्गज हस्तियां ले रही हैं हिस्सा?

इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति मनमोहन और सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों के साथ-साथ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं एमपी स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के संरक्षक-प्रमुख जस्टिस विवेक रूसिया भी पूरी गरिमा के साथ मौजूद हैं। इसके अलावा, न्यायमूर्ति आनंद पाठक तथा देश के पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों से पधारे हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल समेत विभिन्न राज्यों के विधिक सेवा प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारी और देश-विदेश के जाने-माने न्यायिक अधिकारी इस सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

‘द टेपेस्ट्री ऑफ जस्टिस’ प्रदर्शनी से हुई वेस्ट जोन कॉन्फ्रेंस की शुरुआत

सम्मेलन के पहले दिन यानी 8 अगस्त को विशेष आकर्षण के रूप में ‘द टेपेस्ट्री ऑफ जस्टिस’ (The Tapestry of Justice) नामक अनूठी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। ओरियन हॉल में सुबह 11:30 बजे से 11:45 बजे के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि CJI जस्टिस सूर्यकांत ने फीता काटकर इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से कानूनी और विधिक सेवाओं में समय के साथ आ रहे सकारात्मक बदलावों, नए तकनीकी प्रयोगों, अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को कानूनी प्रक्रिया से जोड़ने और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मुफ्त कानूनी मदद पहुँचाने जैसे तमाम महत्वपूर्ण विषयों को बहुत ही सुंदर ढंग से दर्शाया गया है।

इसके तुरंत बाद दोपहर 12 बजे से सम्मेलन का पहला आधिकारिक 'टेक्निकल सेशन' (तकनीकी सत्र) शुरू हुआ। इस सत्र का मुख्य विषय ‘अदालतों से आगे मध्यस्थता : संवाद, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी की संस्कृति का निर्माण’ तय किया गया था। इस सत्र के दौरान इस बात पर विशेष मंथन किया गया कि हर छोटे-बड़े विवाद को सीधे अदालतों में खींचकर ले जाने के बजाय आपसी बातचीत, मध्यस्थता (Mediation) और लोक अदालतों के जरिए किस प्रकार शांतिपूर्ण समाधान की राह तैयार की जा सकती है।

इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति मनमोहन द्वारा की गई, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के ही न्यायमूर्ति शील नागू ने सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विवेक रूसिया और सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता एवं मध्यस्थ अमन एम. हिंगोरानी इस सत्र के प्रमुख वक्ताओं के रूप में शामिल हुए। इस पूरे सम्मेलन के माध्यम से मध्यस्थता की संस्कृति को आम जनता और जमीनी स्तर के समुदायों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का इंदौर में हुआ भव्य स्वागत

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के प्रथम इंदौर आगमन पर स्थानीय महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहरवासियों की ओर से उनका आत्मीय स्वागत किया। महापौर ने कहा कि देश के मुख्य न्यायाधीश का इंदौर की पावन धरती पर पधारना पूरे शहर के लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य की बात है। यह भी उल्लेखनीय है कि जस्टिस सूर्यकांत का इंदौर का यह पहला आधिकारिक दौरा है, जिसे लेकर विधिक और प्रशासनिक हलकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।