पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर खर्च को लेकर संसद में बड़ा खुलासा, सरकार ने दिया जवाब

नई दिल्ली| संसद के उच्च सदन राज्यसभा में देश के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक विदेश यात्राओं पर हुए कुल खर्च का आधिकारिक ब्योरा सदन के पटल पर रखा गया है। मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चालू वर्ष 2026 में अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कुल 74.58 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है। इसके अलावा, यदि वर्ष 2021 से लेकर अब तक के कुल आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो इन सभी वर्षों में हुई विदेश यात्राओं का कुल व्यय 550 करोड़ रुपये से भी अधिक रहा है।

चालू वर्ष 2026 में हुए खर्च का विवरण

राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2026 के दौरान जिन-जिन यात्राओं के वित्तीय आंकड़े आधिकारिक रूप से उपलब्ध हैं, उनमें मई महीने में संपन्न हुई प्रधानमंत्री की पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के अंतर्गत अकेले नॉर्वे दौरे पर सबसे अधिक 17.46 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके साथ ही, जून माह में की गई फ्रांस यात्रा का कुल खर्च फिलहाल संकलित (कम्पाइल) किया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 के कुछ अन्य दौरों के व्यय आंकड़े अभी अनंतिम (प्रोविजनल) श्रेणी में हैं, जिन्हें सभी संबंधित बिलों के पूर्ण निपटारे और ऑडिट के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

पिछले कुछ वर्षों का वित्तीय हिसाब-किताब

विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर पिछले कुछ वर्षों के दौरान अलग-अलग खर्च हुए हैं:

  • वर्ष 2025 में कुल 180 करोड़ रुपये से अधिक

  • वर्ष 2024 में कुल 109 करोड़ रुपये

  • वर्ष 2023 में कुल 93 करोड़ रुपये

  • वर्ष 2022 में कुल 55 करोड़ रुपये

  • वर्ष 2021 में कुल 36 करोड़ रुपये से अधिक

मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री के ये तमाम उच्चस्तरीय विदेशी दौरे भारत के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने का एक सबसे प्रभावी और स्थापित माध्यम रहे हैं। इन यात्राओं के माध्यम से देश के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन जैसे तमाम अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला है।

द्विपक्षीय संबंधों और समझौतों का ब्योरा

विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा को यह भी जानकारी दी कि जुलाई 2021 से लेकर अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान कुल 316 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) और रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। ये तमाम समझौते रक्षा, व्यापार और निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष अनुसंधान, मोबिलिटी व माइग्रेशन, क्लाइमेट एक्शन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विभिन्न अत्याधुनिक क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इन सभी समझौतों और एमओयू का मुख्य उद्देश्य एशिया, यूरोप, अफ्रीका, मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट), ओशिनिया और अमेरिका महाद्वीप के विभिन्न देशों के साथ भारत की रणनीतिक और द्विपक्षीय साझेदारियों को और अधिक प्रगाढ़ करना तथा आपसी सहयोग के नए आयाम स्थापित करना है।