भोपाल| मध्य प्रदेश में अब बस से सफर करना महंगा हो गया है। राज्य में यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने के लिए अब अपनी जेब से अधिक पैसे खर्च करने होंगे, क्योंकि बसों के किराए में 10 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है। परिवहन विभाग की ओर से जारी संशोधित किराए की ये नई दरें आज (5 अगस्त) से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो चुकी हैं। किराए में यह बढ़ोतरी रात्रि सेवा, नॉन-एसी डीलक्स, स्लीपर, एसी डीलक्स और एसी सुपर लग्जरी कोच श्रेणियों के लिए की गई है।
किस श्रेणी का कितना बढ़ा किराया?
परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश और मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 67 की उपधारा (1) के तहत इन संशोधित दरों को मंजूरी दी गई है। राहत की बात यह है कि शहर के भीतर चलने वाली सिटी बसों के किराए में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है, और उनका न्यूनतम किराया 10 रुपये ही रखा गया है। विभिन्न श्रेणियों के नए किराए इस प्रकार हैं:
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सामान्य मंजिली बस: 2 रुपये प्रति किलोमीटर
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रात्रि बस सेवा: सामान्य मंजिली बस से 10% अधिक
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डीलक्स बस (नॉन-एसी): सामान्य मंजिली बस से 25% अधिक
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स्लीपर बस: सामान्य मंजिली बस से 40% अधिक
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डीलक्स बस (एसी): सामान्य मंजिली बस से 50% अधिक
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सुपर लग्जरी कोच (एसी): सामान्य मंजिली बस से 75% अधिक
एक्सप्रेस बसों को मिली राहत
परिवहन विभाग के इस निर्देश के तहत एक्सप्रेस बस सेवाओं को बड़ी राहत दी गई है, यानी इन बसों में यात्रियों से कोई अतिरिक्त प्रभार नहीं वसूला जाएगा। किराए की नई और स्पष्ट दरें तय हो जाने से अब बस संचालकों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के परिवहन आयुक्त को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर सकें।
बस ऑपरेटर्स की हड़ताल टली
उल्लेखनीय है कि किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स आगामी 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, हड़ताल पर जाने से ठीक पहले राज्य सरकार और बस ऑपरेटर संघ के बीच बीते सोमवार (3 अगस्त) को एक अहम बैठक हुई थी। इस उच्चस्तरीय मुलाकात में ऑपरेटरों ने सरकार के समक्ष किराया वृद्धि समेत कुल 7 प्रमुख मांगें रखी थीं और मांगें पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी थी। सरकार द्वारा किराया बढ़ाने का आदेश जारी किए जाने के बाद अब बस संचालकों की हड़ताल टल गई है।

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