भोपाल| मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली हार के बाद पार्टी संगठन अब चुनावी नतीजों और उसके कारणों की गहराई से पड़ताल करने में जुट गया है। इसी सिलसिले में आज राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव में हार के पीछे की हर एक वजह पर विस्तार से चर्चा की गई।
ऑडियो रिकॉर्डिंग और तथ्यों के साथ बैठक में पहुंचे प्रत्याशी
बैठक के दौरान दतिया से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी कुछ अहम ऑडियो रिकॉर्डिंग और कई पुख्ता तथ्यों के साथ पहुंचे थे। उन्होंने इन सभी साक्ष्यों को बैठक में सबके सामने रखा। इस दौरान दतिया और बरौनी क्षेत्र के कई पार्षदों की चुनावी भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए।
परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया उपचुनाव के परिणामों की पारदर्शी समीक्षा के लिए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस विशेष समिति में पार्टी के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और नेता अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है, जिन्हें चुनाव में हार के कारणों की तह तक जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिम्मेदार पदाधिकारियों से चर्चा कर रिपोर्ट सौंपेगी समिति
यह नवगठित समिति चुनाव प्रक्रिया से जुड़े तमाम जिम्मेदार पदाधिकारियों, स्थानीय कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से आमने-सामने चर्चा करेगी और चुनावी परिणामों के हर पहलू का बारीकी से विश्लेषण करेगी। इसके बाद समिति अपने सभी निष्कर्षों और सुझावों के साथ एक विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को प्रस्तुत करेगी।
हार के हर पहलू की हो रही है सूक्ष्म समीक्षा
गौरतलब है कि हालिया उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों के अंतर से पराजित किया था। इस पराजय के बाद से ही पार्टी के भीतर मंथन का दौर जारी है। भोपाल स्थित सीएम आवास पर हुई इस बैठक में चुनावी रणनीति, सांगठनिक समन्वय, स्थानीय नेताओं की भूमिका और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के सामने आई अड़चनों पर भी खुलकर बात हुई। पार्टी का स्पष्ट रुख है कि हार की वास्तविक और अंदरूनी वजहों का पता लगाकर भविष्य के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले, दतिया उपचुनाव के नतीजे आने के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि चुनाव को भीतर से प्रभावित करने वाले या अनुशासनहीनता करने वाले किसी भी कार्यकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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