भूमि पेडनेकर की पोस्ट पर पूर्व टीचर का रिएक्शन वायरल, कहा- ‘यह शिक्षकों का अपमान है’

मुंबई| बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर द्वारा हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाली 15 साल की एक लड़की के मामले पर की गई टिप्पणी इन दिनों काफी चर्चा में है। हालांकि, बाद में एक्ट्रेस अपने इस रुख पर बचाव की मुद्रा में नजर आईं। अब इसी पूरे घटनाक्रम के बीच अभिनेत्री की पुरानी एक्टिंग टीचर रहीं श्रुति देसाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर उनकी कड़ी आलोचना की है।

फिल्म स्कूल के दिनों को याद कर टीचर ने किए बड़े दावे

आध्यात्मिक मनोचिकित्सक और अभिनय गुरु श्रुति देसाई ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अभिनेत्री भूमि पेडनेकर को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैंने मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित अभिनय स्कूल में कुछ समय के लिए भूमि को एक्टिंग की शिक्षा दी थी। दुर्भाग्य से, आज भी मुझे अच्छी तरह याद है कि आपका अपने गुरुओं और शिक्षकों के प्रति कितना अनादरपूर्ण (असंवेदनशील) व्यवहार हुआ करता था। क्या आप सम्मान और उत्तरदायित्व के अपने उस पुराने दौर और आज के अपने नए दृष्टिकोण के बारे में कुछ रोशनी डालना चाहेंगी?’

क्या था भूमि पेडनेकर का वह विवादित पोस्ट?

कुछ समय पहले अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ एक नाबालिग लड़की द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणी और अभद्र भाषा के इस्तेमाल की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस प्रकार की अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि अपनी असहमति को हमेशा व्यक्तिगत हमलों के बजाय सभ्य, मर्यादित और सम्मानजनक संवाद के माध्यम से ही व्यक्त किया जाना चाहिए।

बाद में नाबालिग लड़की के समर्थन में उतरीं एक्ट्रेस

अपने शुरुआती रुख के विपरीत, बाद में भूमि पेडनेकर ने उसी नाबालिग लड़की के बचाव में बयान जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर उस छात्रा को ऑनलाइन मिल रही धमकियों और नफरत भरी प्रतिक्रियाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की धमकियां देना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। उन्होंने अपील की थी कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की हिंसा, रेप या जान से मारने की धमकियां और नकारात्मकता कतई मंजूर नहीं की जानी चाहिए, और अब इस तरह की बयानबाजी पर विराम लगना चाहिए।