बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ सरकार देगी सालाना ₹30,000 की सहायता

रायपुर| छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा (हायर एजुकेशन) प्राप्त करने का सपना देख रही मेधावी और जरूरतमंद बेटियों के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से छात्रवृत्ति योजना का नया शैक्षणिक सत्र जल्द ही शुरू होने जा रहा है, जिसके माध्यम से पात्र छात्राओं को अपनी आगे की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखने के लिए प्रतिवर्ष 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस कल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभावान बेटी की सफलता के रास्ते में आर्थिक तंगी या गरीबी कभी भी बाधा न बने।

किसे मिलेगा इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ? (पात्रता शर्तें)

इस विशेष योजना का लाभ उठाने के लिए फाउंडेशन की ओर से कुछ आवश्यक पात्रता मानदंड तय किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • इस योजना के तहत केवल वही छात्राएं पात्र मानी जाएंगी जिन्होंने अपनी 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं किसी मान्यता प्राप्त राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के शासकीय (सरकारी) विद्यालयों से नियमित छात्रा के रूप में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की हों।

  • इसके अतिरिक्त, आवेदक छात्रा का वर्तमान शैक्षणिक सत्र में किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन (स्नातक) या किसी डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष (फर्स्ट ईयर) में नियमित प्रवेश लेना अनिवार्य है।

कब से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया?

  • आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस छात्रवृत्ति योजना के वास्ते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक संचालित की जाएगी।

  • सभी योग्य छात्राओं और उनके अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी आवेदन प्रक्रिया को पूरी कर लें।

  • यदि किन्हीं कारणों से कोई छात्रा इस पहले चरण में आवेदन करने से वंचित रह जाती है, तो उनके लिए छात्रवृत्ति का दूसरा चरण आगामी 10 जनवरी से 31 जनवरी 2027 तक भी चलाया जाएगा।

बीते वर्ष 827 छात्राओं के खातों में पहुंची थी स्कॉलरशिप राशि

अगर पिछले शैक्षणिक सत्र की बात करें, तो इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के विभिन्न महाविद्यालयों की कुल 827 पात्र छात्राओं को इसका सीधा और पारदर्शी लाभ मिला था। इन सभी छात्राओं के बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 48 लाख रुपये की भारी-भरकम छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। इस बार प्रशासन और फाउंडेशन का यह मुख्य लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक इस योजना का दायरा बढ़ाया जाए ताकि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।