CBI जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला, रेलवे प्रमोशन के लिए भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग का आरोप

अहमदाबाद। पश्चिमी रेलवे में एक महत्वपूर्ण पद के लिए होने वाली विभागीय परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि परीक्षा पास करने के लिए उम्मीदवारों को बकायदा घूस लेने और देने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस पूरे मामले और जांच के मुख्य पहलुओं को निम्नलिखित चार उप-शीर्षकों के माध्यम से समझा जा सकता है:

स्टाफ वेलफेयर इंस्पेक्टर परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा

वेस्टर्न रेलवे में 'स्टाफ वेलफेयर इंस्पेक्टर' (SWI) के पद के लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन परीक्षा आयोजित की जानी थी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को शॉर्टकट अपनाकर परीक्षा पास करने के नाम पर भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ाया जा रहा था, जिसका पर्दाफाश सीबीआई ने किया है।

किराए के कमर्शियल स्थान पर चल रही थी कोचिंग

जांच में सामने आया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक सीनियर रेलवे अधिकारी की पत्नी द्वारा किराए पर ली गई कमर्शियल जगह का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी स्थान पर उम्मीदवारों के लिए विशेष कोचिंग क्लासेज का संचालन किया जा रहा था।

नकल और विजिलेंस से बचने की दी जाती थी ट्रेनिंग

इन कोचिंग कक्षाओं में उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान हाई-टेक तरीके से नकल करने के गुर सिखाए जाते थे। इसके अलावा उन्हें रेलवे के भीतर से लॉजिस्टिकल सहायता प्राप्त करने तथा भविष्य में पकड़े जाने पर विजिलेंस विभाग की पूछताछ का सामना करने के कानूनी और तकनीकी तौर-तरीके भी समझाए जाते थे।

सीबीआई की जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा

पूरे मामले की तह तक जाने के लिए केंद्रीय एजेंसी ने तकनीकी और गोपनीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। सीबीआई की इस विस्तृत जांच के बाद रेलवे महकमे के भीतर चल रहे इस संगठित खेल का पर्दाफाश हुआ है, जिसके बाद से संबंधित अधिकारियों और संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।